New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लक्षित हत्याओं से संबंधित मुद्दे 

संदर्भ 

 वर्तमान में पाकिस्तान एवं कनाडा द्वारा भारत पर उनके देशों में लक्षित हत्याओं (Target Killings) का आरोप लगाया है। हालाँकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि लक्षित हत्याएँ भारत की नीति नहीं है। 

विभिन्न देशों की प्रतिक्रिया 

पाकिस्तान 

  • पाकिस्तान अपने देश में 2 लोगों की हत्या का आरोप भारत पर लगा चुका है।
    • उसका तर्क है कि पाकिस्तान के भीतर मनमाने ढंग से नागरिकों को 'आतंकवादी' घोषित कर न्यायेतर दण्ड देने की भारत की तैयारी का दावा स्पष्ट रूप से उसके दोषी होने की स्वीकारोक्ति है।

अमेरिका 

  • अमेरिका ने पाकिस्तान के दावे के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है। हालाँकि, इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है क्या पाकिस्तान के दावों का प्रयोग अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा किया जाएगा। 
    • अमेरिकी ख़ुफ़िया विभाग एफ.बी.आई. (FBI) का दावा है कि वरिष्ठ भारतीय खुफिया अधिकारियों ने न्यूयॉर्क में खालिस्तानी अलगाववादी गुरुपतवंत पन्नू पर हमले का आदेश दिया था। 

कनाडा

कनाडा एक खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों की संलिप्तता की जाँच कर रहा है। हालाँकि, इस संदर्भ में वह अभी तक भारत सरकार के समक्ष कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका है।

अंतर्राष्ट्रीय विनियमन 

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार (Human Rights) कानून 

  • प्रत्येक नागरिक को जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है। 
  • इसे मानव अधिकारों पर सार्वभौमिक घोषणा से शक्ति मिलती है। 

अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी (Humanitarian) कानून

  • यह सशस्त्र संघर्ष के दौरान गैर-लड़ाकों (असैनिक या सिविलियन) की रक्षा के सिद्धांतों को निर्धारित करता है। 
    • इसके अनुसार गैर-लड़ाकों की रक्षा की जानी चाहिए क्योंकि युद्ध या आत्मरक्षा अभियानों के दौरान भी राज्यों के कुछ दायित्व हैं। 

संयुक्त राष्ट्र चार्टर

  • शांति के लिए खतरा, शांति का उल्लंघन और आक्रामकता के कृत्यों के संबंध में कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर या अध्याय VII- के अनुच्छेद 51 में प्रावधान किया गया है। 
  • इसके अनुसार यदि संयुक्त राष्ट्र के किसी सदस्य के खिलाफ सशस्त्र हमला होता है तो व्यक्तिगत या सामूहिक आत्मरक्षा के अधिकार में कोई बाधा नहीं आती है।

दोहरा रवैया

  • वर्तमान में वैश्विक स्तर पर दोहरे मापदंड विद्यमान हैं क्योंकि 9/11 के बाद अमेरिका ने विभिन्न देशों में ड्रोन हमलों के माध्यम से लक्षित हत्याओं की हैं। 
    • इसे अमेरिका ने आत्मरक्षा की प्रतिक्रिया के रूप में वर्णित किया है। 
  • इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनुमति दी गई है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के अनुसार देशों के पास आत्मरक्षा का व्यक्तिगत अधिकार है। 

निष्कर्ष 

इसमें कोई संदेह नहीं है कि वैश्विक शक्तियां अपने लिए और भारत जैसे अन्य देशों के लिए अलग-अलग मानक निर्धारित करती हैं। ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत के पास उन परिणामों से निपटने के लिए कूटनीतिक क्षमता है।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR