New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

कोकबोरोक भाषा

त्रिपुरा के कुछ छात्र संगठन लंबे समय से पाठ्यपुस्तकों और आधिकारिक कार्यों में कोकबोरोक भाषा के लिए रोमन लिपि के उपयोग की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। 

कोकबोरोक भाषा (Kokborok language) के बारे में 

  • क्या है : कोकबोरोक/काक-बराक बोरोक लोगों की एक भाषा
    • इसे भौगोलिक रूप से त्रिपुरी के रूप में जाना जाता है।
  • भाषा परिवार : सिनो-तिब्बती भाषा परिवार की ब्रह्मपुत्र शाखा से संबंधित 
  • लिपि : बंगाली एवं रोमन
  • वर्तमान परिदृश्य : हाल के समय में इस भाषा की प्राचीन लिपि कोलोमा पर आधारित कोकबोरोक लिपि का आविष्कार  
  • भाषाई विस्तार : प्रमुख रूप से पूर्वोत्तर राज्य और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ तथा बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल व भूटान जैसे पड़ोसी देश
  • कोकबोरोक भाषी लोगों की कुल संख्या : लगभग 15 लाख 

त्रिपुरा के संदर्भ में

  • कोकबोरोक भाषी आबादी : 2011 की जनगणना के अनुसार, त्रिपुरा में कोकबोरोक बोलने वालों की संख्या लगभग 9 लाख है, जो राज्य की कुल जनसंख्या का 23.97% है।
  • संबंधित समुदाय : कोकबोरोक त्रिपुरा राज्य में रहने वाले 19 समुदायों में से 9 की मातृभाषा है। 
    • नौ कोकबोरोक कबीले : त्रिपुरा, देबबर्मा, जमातिया, नोआतिया, मुरासिंघ, रियांग, कलई, रूपिनी, उचोवी
  • आधिकारिक भाषा : बंगाली, अंग्रेजी और कोकबोरोक (जनवरी 1979 में अधिसूचित)
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X