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मंगल ग्रह पर मेंटल प्लूम

(प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ)

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार मंगल ग्रह की सतह के नीचे एक सक्रिय मेंटल प्लूम (Mantle Plume) के साक्ष्य मिले हैं। साथ ही, यह भी पता चला है कि इस ग्रह का आंतरिक भाग पहले की अपेक्षा अधिक गतिशील है।

प्रमुख बिंदु 

  • नासा के इनसाइट लैंडर के आँकड़ों के अनुसार, मंगल ग्रह पर मेंटल प्लूम ‘एलीसियम प्लैनिटिया (Elysium Planitia)’ नामक एक क्षेत्र के नीचे स्थित हैं, जो भूमध्य रेखा के उत्तर में है।  
  • ‘एलीसियम प्लैनिटिया (Elysium Planitia)’ क्षेत्र में ज्वालामुखी विस्फोट की घटना को रिकॉर्ड किया गया है जो सेरेब्रस फोसा (Cerberus Fossae) नामक दरारों के एक समूह से उत्पन्न होते हैं।
  • इस ग्रह में प्लेट विवर्तनिकी (Plate tectonics) नहीं है, इसलिये सेरेब्रस फोसा नामक दरारों में जो गतिविधि देखी गई है, वह मेंटल प्लूम का परिणाम हो सकती है।
  • इस मेंटल प्लूम ने मंगल ग्रह पर संयुक्त राज्य अमेरिका के लगभग बराबर के क्षेत्र को प्रभावित किया है।

एलीसियम प्लैनिटिया 

  • मंगल ग्रह के इस क्षेत्र में विगत 200 मिलियन वर्षों में कई बड़े ज्वालामुखी विस्फोट हुए हैं। इस क्षेत्र में लगभग 53,000 वर्ष पूर्व ज्वालामुखीय का एक विस्फोट हुआ था। 
  • मंगल ग्रह की सतह पर यह क्षेत्र लगभग 1,278 कि.मी. (800 मील) तक फैला हुआ है, जहाँ अधिकांश कंपन उत्पन्न होते हैं।
  • इस क्षेत्र में मेंटल प्लूम के बल ने सतह को एक मील से अधिक ऊपर उठा दिया है, जिससे यह मंगल ग्रह के उत्तरी गोलार्ध में सबसे ऊँचे क्षेत्रों में से एक बन गया है।

मंगल पर भूगर्भीय गतिविधियाँ

  • वर्तमान में मंगल ग्रह को अनिवार्य रूप से मृत माना जाता है, क्योंकि इसकी अधिकांश भूगर्भीय गतिविधियाँ तीन से चार अरब वर्ष पूर्व हुई थी। इन गतिविधियों के कारण ही मंगल पर सौर मंडल के सबसे ऊँचे ज्वालामुखी बने थे।
  • हालाँकि अब मंगल ग्रह पर कंपन (Marsquakes) या ज्वालामुखी विस्फोट की बहुत कम गतिविधियाँ होती है। 

क्या है मेंटल प्लूम (Mantle Plume)

  • किसी ग्रह के आंतरिक भाग से सतह की ओर उठने वाली गर्म मेंटल चट्टान को मेंटल प्लूम कहा जाता है। ये पिघली हुई चट्टानें हैं, जो मध्यवर्ती या मेंटल परतों के माध्यम से दबाव बनाती हैं और क्रस्ट के आधार पर जमा हो जाती हैं। 
  • ये अत्यधिक मजबूत होते हैं, इसलिये दरार और प्लेटों के निर्माण को प्रेरित कर सकते हैं, जिससे भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाएँ होती हैं। 
  • मेंटल प्लूम से पिघली हुई चट्टान फ्लड बेसाल्ट (Flood Basalt) के रूप में विस्फोट करती है जो विशाल ज्वालामुखीय मैदान बनाती है।

पृथ्वी पर मेंटल प्लूम के उदाहरण

  • पृथ्वी पर इस भूगर्भीय घटना का सबसे अच्छा उदाहरण लाल सागर, अदन की खाड़ी और अफ्रीकी रिफ्ट घाटी का क्षेत्र है। 
  • इसके अतिरिक्त, संयुक्त राज्य अमेरिका में हवाई द्वीप (महासागरीय क्रस्ट) और येलोस्टोन नेशनल पार्क (महाद्वीपीय क्रस्ट) के क्षेत्र में भी इस घटना को देखा जा सकता है, जहाँ बड़े ज्वालामुखीय क्षेत्र को बनाने के लिये प्लूम से निकलने वाला मैग्मा दरारों से बाहर आता है।

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