New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

अंडमान एवं निकोबार में सैन्य बुनियादी ढाँचा

वर्तमान में भारत रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह पर उन्नत सामरिक बुनियादी ढाँचे का निर्माण कर रहा है। 

द्वीपसमूह पर सामरिक ढाँचे की स्थिति 

  • अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में 836 द्वीप हैं, जिनमें से केवल 38 पर ही मानव निवास है।
  • अंडमान एवं निकोबार कमांड इस द्वीपसमूह में पहली व एकमात्र त्रि-सेवा कमांड है जिसे वर्ष 2001 में स्थापित किया गया था।
  • विगत वर्ष चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल अनिल चौहान ने पोर्ट ब्लेयर में INS उत्क्रोश में एक आधुनिक हैंगर व डिस्पर्सल सिस्टम का उद्घाटन किया था।
  • फरवरी 2024 में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने कम दृश्यता की स्थिति में विमान को सुरक्षित रूप से उतारने के लिए सटीक क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर मार्गदर्शन के साथ-साथ एकीकृत अंडरवाटर हार्बर रक्षा तथा निगरानी प्रणाली को सक्षम करने के लिए INS उत्क्रोश में एक प्रिसिजन एप्रोच रडार (PAR) का उद्घाटन किया।
  • इसके अतिरिक्त INS कोहासा, INS बाज़ एवं INS कार्डी में नौसेना संचार नेटवर्क केंद्रों का भी उद्घाटन किया गया। 
  •  इसे अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की संचार व परिचालन क्षमता में वृद्धि के लिए डिज़ाइन किया गया था।

उन्नत बुनियादी ढाँचे की योजना

  • उन्नत हवाई क्षेत्रों एवं जेट्टी का निर्माण 
  • अतिरिक्त रसद एवं भंडारण सुविधाओं व सैनिकों के लिए स्थायी आवास का निर्माण 
  • बुनियादी ढाँचे के उन्नयन के उद्देश्य से अधिक यातायात के लिए द्वीपों के उत्तर से दक्षिण में पोर्ट ब्लेयर तक सड़क सुधार
  • अन्य प्रमुख बुनियादी ढाँचों में लड़ाकू स्क्वाड्रनों को रखने और लंबी अवधि के लिए भारतीय वायुसेना स्टेशन को अपग्रेड करना शामिल है। 
  • इसमें रनवे को लगभग 3,000 मीटर तक विस्तारित करने और संपत्तियों के रखरखाव के लिए बुनियादी ढाँचे का निर्माण करने की योजना है।
  • केंद्र सरकार एक कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल के निर्माण पर भी कार्य कर रहा है।

उद्देश्य 

  • अतिरिक्त सैन्य बलों की तैनाती
  • बड़े एवं अधिक युद्धपोतों, विमानों, मिसाइल बैटरी व सैनिकों की तैनाती के लिए सुविधाएँ प्रदान करना 
  • हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक गतिविधियों को नियंत्रित करना  
  •  चीन ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह से 55 किमी. उत्तर में स्थित म्यांमार के कोको द्वीपसमूह पर एक सैन्य सुविधा का निर्माण किया है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X