New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM

भारतीय वायु सेना का आधुनिकीकरण

(प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम)

चर्चा में क्यों 

भारतीय वायु सेना की क्षमता वृद्धि के लिए अधिकार प्राप्त समिति ने प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करते हुए 3 मार्च, 2025 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में मध्यम और दीर्घकालिक उपायों की सिफारिशें कीं हैं।

वायु सेना आधुनिकीकरण पर उच्चस्तरीय समिति के बारे में

  • इस समिति का गठन रक्षा मंत्री के निर्देश पर सभी मुद्दों की समग्र रूप से जाँच करने और एक स्पष्ट कार्य योजना तैयार करने के लिए किया गया था।
  • अध्यक्षता : रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह 
  • अन्य सदस्य : 
    • वायु सेना के उप प्रमुख
    •  रक्षा उत्पादन सचिव
    • रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव 
    • डी.आर.डी.ओ. के अध्यक्ष एवं अधिग्रहण महानिदेशक 
    • वायु सेना के उप प्रमुख सचिव 
  • इस उच्चस्तरीय समिति की चर्चा में प्रमुख फोकस प्रतिद्वंदी देशों द्वारा तीव्र आधुनिकीकरण प्रयासों के बीच भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमानों को शामिल करने में हो रही देरी पर केन्द्रित किया गया।

 रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें 

  • रिपोर्ट में भारतीय वायुसेना ने लड़ाकू विमानों की संख्या में कमी को दूर करने के लिए प्राथमिकताएं सूचीबद्ध की हैं। 
    • संख्या में कमी को पूरा करने के लिए भारतीय वायुसेना को हर साल 35 से 40 लड़ाकू विमानों की ज़रूरत होगी।
  • रिपोर्ट में एयरोस्पेस क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' को बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र द्वारा सार्वजनिक रक्षा क्षेत्र के उपक्रमों और डी.आर.डी.ओ. के प्रयासों को पूरक बनाने की आवश्यकता पर भी  बल दिया गया है।
  • किसी भी नीतिगत मामले में स्वदेशीकरण एक महत्वपूर्ण पहलू होगा, जिसमें दक्षता लाने और क्षमता को तेजी से बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भागीदारी होगी।

वर्तमान वायुसेना क्षमता

  • भारतीय वायुसेना के पास वर्तमान में 31 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42.5 स्क्वाड्रन है।
  • लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एल.सी.ए.)-एमके1ए की डिलीवरी में देरी हुई है, लेकिन जगुआर, मिग-29यूपीजी और मिराज-2000 जैसे कई मौजूदा लड़ाकू विमानों को भी इस दशक के अंत तक चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा।
  • बड़ा और अधिक सक्षम एलसीए-एमके2 विकासाधीन है, जबकि देश का पांचवीं पीढ़ी का जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पूर्ण रूप से विकसित होने से कम से कम एक दशक दूर है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR