New
Civil Services Day Offer - Valid Till : 23rd April GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 4th May 2026, 5:30PM Civil Services Day Offer - Valid Till : 23rd April GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 4th May 2026, 5:30PM

मेरा गांव, मेरी धरोहर

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी, मेरा गांव मेरी धरोहर
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-1

चर्चा में क्यों-

संस्कृति मंत्रालय ने भारत के सभी गांवों के सांस्कृतिक मानचित्रण और दस्तावेज़ीकरण के लिए 'मेरा गांव मेरी धरोहर' (MGMD) परियोजना शुरू की है।

amrit-mahotsav

मुख्य बिंदु-

  • इसके तहत संस्कृति मंत्रालय ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र’ के साथ मिलकर कार्य करेगा
  • सरकार द्वारा MGMD पर एक वेब पोर्टल 27 जुलाई, 2023 को लॉन्च किया गया था। 
  • इसका उद्देश्य एक आभासी मंच पर भारत के 6.5 लाख गांवों का सांस्कृतिक मानचित्रण करना है।
  • MGMD के माध्यम से लोगों को भारत की विविध और जीवंत सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
  • यह देश के प्रत्येक गांव की खोज, शोध और वर्चुअल भ्रमण के लिए वन-स्टॉप स्थल के रूप में कार्य करता है।
  • MGMD के तहत जानकारी निम्नलिखित श्रेणियों के तहत एकत्र की जाती है- 
    • कला एवं शिल्प ग्राम
    • पारिस्थितिक रूप से उन्मुख गांव
    • स्कोलास्टिक गांव, जो भारत की मौलिक और शास्त्रीय परंपराओं से जुड़े हैं 
    • महाकाव्य गांव, जो रामायण, महाभारत और/या पौराणिक किंवदंतियों से जुड़े हैं
    • स्थानीय और राष्ट्रीय इतिहास से जुड़े ऐतिहासिक गांव
    • वास्तुकला विरासत गांव
    • अन्य प्रमुख विशेषता के कारण प्रसिद्ध गाँव; जैसे- मछली पकड़ने वाला गाँव, बागवानी गाँव, चरवाहा गाँव आदि।

वित्तीय सहायता-

  • संस्कृति मंत्रालय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता की एक योजना लागू कर रहा है, जिसमें आठ घटक शामिल हैं। 
  • इस योजना के द्वारा सांस्कृतिक संगठनों को कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।  
  • योजना के तहत वर्ष, 2021-2022 से 2025-2026 तक के लिए वर्ष, 353.46 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय को मंजूरी दी गई है।
  • इस योजना में निम्नलिखित घटक शामिल हैं-

1. राष्ट्रीय महत्व के सांस्कृतिक संगठनों को वित्तीय सहायता-

  • इसका उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के सांस्कृतिक संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
  • इन संगठनों में गैर-लाभकारी संगठन, गैर सरकारी संगठन, सोसायटी, ट्रस्ट, विश्वविद्यालय आदि प्रमुख हैं।
  • इस योजना के तहत सहायता की राशि 1 करोड़ रुपये तक है। 
  • यह सहायता ऐसे संगठनों को दिया जाएगा, जिनके पास संगठित प्रबंध निकाय है।
  • ये भारत में पंजीकृत हों।
  • राष्ट्रीय महत्व के साथ- साथ इनकी अखिल भारतीय उपस्थिति हो।
  • इनके पास पर्याप्त कार्य क्षमता होना चाहिए।
  • इन संगठनों ने सांस्कृतिक गतिविधियों पर पिछले 5 वर्षों में से किन्हीं 3 वर्षों के दौरान 1 करोड़ या उससे अधिक व्यय किया हो। 
  • इन्हें वित्तीय सहायता कला और संस्कृति का प्रचार- प्रसार करने के लिए दिया जाएगा। 
  • ये देश की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करेंगे। 

2. सांस्कृतिक समारोह एवं आयोजन के लिए वित्तीय सहायता (CFPG)-

  • इसका उद्देश्य सेमिनार, सम्मेलन, अनुसंधान, कार्यशालाओं, त्यौहारों, प्रदर्शनियों, संगोष्ठियों, नृत्य, नाटक-थिएटर, संगीत आदि के आयोजन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
  • यह सहायता NGO/सोसाइटियों/ट्रस्टों/विश्वविद्यालयों आदि को दिया जाएगा।
  • CFPG के तहत प्रदान की जानी वाली अधिकतम वित्तीय सहायता 5 लाख रुपया है।
  • इसे असाधारण परिस्थितियों में 20 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।  

3. हिमालय की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकास के लिए वित्तीय सहायता-

  • इसका उद्देश्य ऑडियो विजुअल कार्यक्रमों के द्वारा अनुसंधान, प्रशिक्षण और प्रसार कर हिमालय की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और उन्हें संरक्षित करना है। 
  • हिमालयी राज्यों  जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश के संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 
  • प्रति संगठन सहायता की राशि प्रतिवर्ष 10.00 लाख रुपया है।
  • इसे असाधारण परिस्थितयों में 30.00 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।

4. बौद्ध/तिब्बती संस्थाओं के संरक्षण एवं विकास के लिए वित्तीय सहायता

  • इसके तहत बौद्ध/तिब्बती सांस्कृतिक परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। 
  • यह सहायता वैज्ञानिक विकास और संबंधित क्षेत्रों के अनुसंधान में लगे मठों सहित स्वैच्छिक बौद्ध/तिब्बती संगठनों को प्रदान की जाएगी। 
  • इसके तहत सहायता की राशि प्रति संगठन प्रतिवर्ष 30.00 लाख रुपया है। 
  • इसे असाधारण परिस्थितियों में 1.00 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।

5. स्टूडियो थिएटर तथा भवन निर्माण के लिए वित्तीय सहायता

  • इसके तहत NGO, ट्रस्ट, सोसायटी, सरकार को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 
  • इसके तहत सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे; जैसे- स्टूडियो थिएटर, ऑडिटोरियम, रिहर्सल हॉल, कक्षा आदि का निर्माण किया जाएगा। 
  • उपर्युक्त संस्थानों में बिजली, एयर कंडीशनिंग, प्रकाश और ध्वनि प्रणाली आदि जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। 
  • इस घटक के तहत सहायता की अधिकतम राशि मेट्रो शहरों में 50 लाख रुपये तक और गैर-मेट्रो शहरों में 25 लाख रुपये तक है।

6. सांस्कृतिक गतिविधियों से संबंधित कार्यों के लिए वित्तीय सहायता-

  • इसका उद्देश्य खुले/बंद क्षेत्रों/स्थानों पर नियमित रूप से त्योहारों के ऑडियो-विज़ुअल लाइव प्रदर्शन के लिए संरचनाओं का निर्माण करने के लिए पात्र संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। 
  • ऑडियो-वीडियो उपकरण आदि की खरीद के लिए संस्थानों को वित्तीय सहायता दिया जाता है। 
  • इसके तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता में सरकार द्वारा लागू शुल्क, कर और पांच साल के लिए संचालन एवं रखरखाव की लागत भी शामिल होगी।
  • प्रदत्त वित्तीय सहायता इस प्रकार है
    • ऑडियो: रु.1.00 करोड़
    • ऑडियो+वीडियो: रु. 1.50 करोड़.

7. अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा योजना-

  • यह योजना वर्ष, 2013 में संस्कृति मंत्रालय द्वारा देश की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत और विविध सांस्कृतिक परंपराओं की सुरक्षा के लिए शुरू की गई थी।
  • योजना का उद्देश्य विभिन्न संस्थानों, समूहों, NGO आदि को पुनर्जीवित करना भी है, ताकि वे अपनी गतिविधियों में संलग्न हो सकें। 
  • इन संस्थाओं का कार्य भारत की समृद्ध अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना, सुरक्षा करना, संरक्षित करना और बढ़ावा देना है।

8. घरेलू त्यौहार और मेले

  • इसका उद्देश्य संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित 'राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव' के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ परियोजना के तहत राष्ट्रीय महत्व के सांस्कृतिक संगठनों को प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

  1. यह सहायता ऐसे संगठनों को दिया जाएगा, जिनके पास संगठित प्रबंध निकाय है।
  2. इन संगठनों को यूनेस्को सांस्कृतिक आयोजन करने के रूप में पंजीकृत होना चाहिए।
  3. इन्हें वित्तीय सहायता कला और संस्कृति का प्रचार- प्रसार करने के लिए दिया जाएगा। 

नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए।

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर- (c)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ परियोजना भारतीय संस्कृति के प्रसार में किस प्रकार योगदान करेगी? स्पष्ट कीजिए।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR