New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

नगरनार इस्पात संयंत्र

प्रारंभिक परीक्षा - समसामयिकी, नगरनार इस्पात संयंत्र, NMDC, SAIL
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-1

चर्चा में क्यों -

  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 20 अगस्त 2023 को कहा कि केंद्र सरकार को नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण करके बस्तर के लोगों की भावनाओं से नहीं खेलना चाहिए। बघेल का बयान उन खबरों के बाद आया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में स्टील प्लांट का उद्घाटन करने के लिए बस्तर आएंगे और प्लांट का निजीकरण किया जाएगा।

मुख्य बिंदु-

  • नगरनार इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित है।
  • नगरनार स्टील प्लांट की प्रमुख तकनीकी सुविधाओं में 4506 m3 (उपयोगी मात्रा) क्षमता के साथ भारत के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस (बीएफ) में से एक, थिन स्लैब कॉस्टर (टीएससी) के साथ हॉट स्ट्रिप मिल, बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (बीओएफ) दो 7 मीटर लंबे कोक ओवन शामिल हैं। 
  • एनएमडीसी की वेबसाइट संयंत्र के बारे में कहती है कि "भारत को इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में महत्वपूर्ण योगदान देगा"।
  • नगरनार स्टील प्लांट की स्थापना ‘राष्ट्रीय खनिज विकास निगम’ (NMDC) द्वारा की गई थी और इससे बस्तर के लोगों की भावनाएँ जुड़ी हुई है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी और पिछड़े समुदायों ने अपनी जमीन दी है ताकि लोग रोजगार सुरक्षित कर सकें।
  • यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया गया था और एक प्रस्ताव पारित किया गया था कि अगर केंद्र सरकार इसे नहीं चलाना चाहती है तो छत्तीसगढ़ सरकार चलायेगी।“
  • लेकिन संबंधित मंत्रालय द्वारा निर्धारित धाराएं इसकी अनुमति नहीं देती थीं।
  • मिंट अखबार की एक पूर्व रिपोर्ट के अनुसार, पीएसयू जहां सरकार के पास 51% से अधिक स्वामित्व है, वे विनिवेश में बोली लगाने के लिए पात्र नहीं हैं।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि, नगरनार स्टील प्लांट अभी शुरू भी नहीं हुआ है लेकिन इसके लिए बोली पहले ही शुरू हो चुकी है। पांच कंपनियां निरीक्षण भी कर चुकी हैं। एक तरफ तो वे इसका उद्घाटन करने की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ वे इसे बेचने की बात कर रहे हैं।“
  • केंद्र को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) की संभावना तलाशनी चाहिए।
  • यदि NMDC स्वयं इसे संचालित नहीं कर सकता,तो इसे ‘भारतीय इस्पात प्राधिकरण’ (SAIL) को सौंप देना चाहिए, जो 1950 के दशक के मध्य से भिलाई में एक लाभदायक इस्पात संयंत्र चला रहा है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- नगरनार इस्पात संयंत्र किस राज्य में स्थित है?

(a) ओडिशा

(b) छत्तीसगढ़

(c) झारखण्ड

(d) कर्नाटक

उत्तर- (b)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- क्या सार्वजानिक उपक्रमों का निजीकरण उचित कदम है? समीक्षा कीजिए।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X