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लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन हेतु राष्ट्रीय औषधि वितरण अभियान

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने लिम्फेटिक फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए इस बीमारी से चिन्हित 13 राज्यों में राष्ट्रीय सार्वजनिक औषधि वितरण अभियान का शुभारंभ किया।

प्रमुख बिंदु:

  • इस पहल का उद्देश्य लाखों लोगों को दुर्बल करने वाली लिम्फेटिक फाइलेरियासिस बीमारी से बचाना है।
  • इस अभियान में 13 राज्यों- आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 111 जिलों को शामिल किया जाएगा।
  • 10 फरवरी से, 111 जिलों में 17.5 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त में दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • 2030 एसडीजी लक्ष्य से पहले लिम्फेटिक फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए रणनीति लागू करने का आह्वान किया गया है।
  • मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान में लिम्फेटिक फाइलेरिया पीड़ित क्षेत्रों में सभी पात्र लोगों को एंटी-फाइलेरिया दवाएं उपलब्ध कराना शामिल है, भले ही उनमें लक्षण दिखाई दें या नहीं।
  • दवा उपचार में शामिल हैं:
    • डबल ड्रग रेजिमेन (डीए): डायइथाइलकार्बामेज़िन साइट्रेट (डीईसी) और एल्बेंडाज़ोल
    • ट्रिपल ड्रग रेजिमेन (आईडीए): आइवरमेक्टिन, डायथाइलकार्बामेज़िन साइट्रेट (डीईसी), और एल्बेंडाज़ोल

लिम्फेटिक फाइलेरिया:

  • इसे आमतौर पर हाथी पांव (Elephantiasis) भी कहा जाता है।
  • यह एक परजीवी संक्रमण है जो मच्छरों के काटने से फैलता है। 
  • यह बीमारी शरीर की लिम्फ प्रणाली को प्रभावित करती है।
  • इससे अंगों में सूजन और विकृति हो सकती है।

लिम्फेटिक फाइलेरिया के कारण:

  • लिम्फेटिक फाइलेरिया तीन प्रकार के परजीवी कृमियों (निमेटोड) के कारण होता है-
    • Wuchereria bancrofti (भारत में मुख्य रूप से पाया जाता है)
    • Brugia malayi
    • Brugia timori
  • ये परजीवी मच्छरों के काटने से शरीर में प्रवेश करते हैं।
    • लिम्फ नलिकाओं में बसकर सूजन व विकृति उत्पन्न करते हैं।

लिम्फेटिक फाइलेरिया के लक्षण:

  • शुरुआती अवस्था में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते हैं, लेकिन समय के साथ यह गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
  • शुरुआती लक्षण: 
    • हल्का बुखार, लिम्फ नोड्स (गांठों) में सूजन, त्वचा में लालिमा।
  • बाद के लक्षण:
    • अंगों (विशेषकर पैरों और हाथों) में अत्यधिक सूजन  
    • जननांगों में सूजन (हाइड्रोसील)
    • रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी
    • चलने-फिरने में कठिनाई और स्थायी विकलांगता

प्रश्न.  लिम्फेटिक फाइलेरिया मुख्य रूप से किसके कारण होता है?

(a) बैक्टीरिया

(b) वायरस

(c) परजीवी कृमि

(d) फंगस

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