भारत ने नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स (NRI) 2025 में अपनी रैंक में सुधार किया है और 4 स्थान की छलांग लगाकर 45वाँ स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही भारत का स्कोर बढ़कर 54.43/100 हो गया, जो देश की डिजिटल और नेटवर्क तैयारियों में मजबूती व प्रगति को दर्शाता है।
नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स (NRI) के बारे में
नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स (NRI) एक वैश्विक सूचकांक है जो यह आंकता है कि विभिन्न देश सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) का उपयोग आर्थिक विकास, नवाचार, शासन की गुणवत्ता और सामाजिक प्रगति के लिए कितनी प्रभावी ढंग से कर रहे हैं।
प्रकाशक
यह सूचकांक पोर्टुलान्स इंस्टीट्यूट (Portulans Institute) द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो वाशिंगटन डी.सी. स्थित एक स्वतंत्र, गैर-लाभकारी शोध एवं शैक्षणिक संस्थान है।
उद्देश्य
- देश की डिजिटल नेटवर्क और तकनीकी तैयारियों को मापना
- यह आंकना कि ICT अपनाने से समावेशी विकास, नवाचार, शासन दक्षता और सामाजिक प्रभाव किस हद तक प्राप्त हो रहे हैं।
प्रमुख विशेषताएँ
- NRI में 127 देशों की अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है।
- सूचकांक चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है:
- प्रौद्योगिकी (Technology): डिजिटल अवसंरचना, पहुँच और भविष्य की तकनीकें
- लोग (People): कौशल, डिजिटल समावेशन और कार्यबल की तैयारी
- शासन (Governance): नियम और नीति, भरोसा एवं सुरक्षा
- प्रभाव (Impact): आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय परिणाम
- इसमें 53 संकेतक शामिल हैं जैसे ब्रॉडबैंड पहुँच, AI अनुसंधान, डिजिटल व्यापार, कानून और बाजार का आकार।
- आय स्तर के अनुसार देशों की तुलना की जाती है जिससे पता चलता है कि कौन से देश अपनी आय क्षमता से बेहतर या कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं।
NRI 2025 में भारत का प्रदर्शन
रैंक और स्कोर
- भारत ने 45वाँ स्थान प्राप्त किया, जो 2024 की तुलना में 4 स्थान की वृद्धि है।
- स्कोर बढ़कर 53.63 (2024) से 54.43 (2025) हो गया।
वैश्विक नेतृत्व
- भारत ने निम्न क्षेत्रों में विश्व में शीर्ष स्थान हासिल किया:
- दूरसंचार सेवाओं में वार्षिक निवेश
- AI से संबंधित वैज्ञानिक प्रकाशन
- ICT सेवाओं का निर्यात
- ई-कॉमर्स से संबंधित कानून और नीतियाँ
मजबूत अवसंरचना और उपयोग
- भारत ने निम्न क्षेत्रों में दूसरा स्थान प्राप्त किया:
- FTTH/भवन इंटरनेट सब्सक्रिप्शन
- मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक
- अंतर्राष्ट्रीय इंटरनेट बैंडविड्थ
बाजार का पैमाना
घरेलू बाजार के आकार के मामले में भारत तीसरे स्थान पर है जो इसके बड़े और डिजिटल रूप से सक्रिय उपभोक्ता आधार को दर्शाता है।
आय-समायोजित प्रदर्शन
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की नेटवर्क रेडीनेस उसकी आय स्तर की अपेक्षाओं से बेहतर है। निम्न-मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में भारत दूसरे स्थान पर है।