नई रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी

(प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ)
(मुख्य परीक्षा, समान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि)

संदर्भ 

11 जून, 2025 को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6,405 करोड़ रुपए की लागत वाली दो प्रमुख रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

नई रेलवे परियोजनाओं के बारे में

  • यह परियोजनाएँ पीएम-गति शक्ति अवसंरचना योजना के तहत मंजूर की गई हैं।
  • दोनों परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क में लगभग 318 किमी. का विस्तार होगा, जो झारखंड, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश के सात जिलों को कवर करेगा।

परियोजना- I

  • पहली परियोजना कोडरमा एवं बरकाकाना के बीच 113 किमी. की दूरी तय करेगी, जो झारखंड के एक प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र से होकर गुज़रेगी।
  • यह परियोजना पटना एवं रांची के बीच सबसे छोटा व सबसे कुशल रेल संपर्क भी प्रदान करेगी।

परियोजना- II

  • दूसरी परियोजना का प्रसार बेल्लारी व चिकजाजुर के बीच 185 किमी. तक होगा। 
  • यह परियोजना कर्नाटक के बेल्लारी एवं चित्रदुर्ग जिलों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से होकर गुजरेगी।

परियोजनाओं का महत्त्व 

  • रोजगार सृजन : निर्माण के दौरान लगभग 108 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित होंगे, जिससे स्थानीय श्रमिकों व ठेकेदारों को भारी बढ़ावा मिलेगा।
  • बेहतर कनेक्टिविटी : ये परियोजनाएँ 1,408 गाँवों को सीधे जोड़ती हैं जिससे 28.19 लाख से ज़्यादा निवासियों के लिए शहरों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा व बाज़ारों तक पहुँच में सुधार होगा।
  • सस्ता परिवहन : सुगम रेल संपर्क से स्थानीय किसान व छोटे उद्योग अपने सामान जैसे- अनाज, सीमेंट व लौह अयस्क को तेज़ी से तथा कम लागत पर भेज सकते हैं।
  • माल यातायात : इनसे प्रतिवर्ष 49 मिलियन टन माल का संचालन होगा, जिससे इस्पात, उर्वरक, पेट्रोलियम एवं कोयला जैसे प्रमुख क्षेत्रों को सहायता मिलेगी।
    • वित्त वर्ष 2025 में भारतीय रेलवे ने 1,617.38 मीट्रिक टन माल ढुलाई दर्ज की, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 1.68% की वृद्धि को दर्शाता है।
  • व्यापार एवं बुनियादी ढाँचा : यह परियोजना स्थानीय उद्योगों को बंदरगाहों व प्रमुख शहरों तक त्वरित पहुंच प्रदान करके उनके विस्तार को मजबूत करेगी और भारत के पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को भी समर्थन देगी।
  • ईंधन आयात में कमी : इससे तेल आयात में 52 करोड़ लीटर की कमी आएगी, जिससे CO2 उत्सर्जन में 264 करोड़ किग्रा. की कमी आएगी, जो 11 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। 

इसे भी जानिए!

  • पीएम-गति शक्ति अवसंरचना योजना एक राष्ट्रीय मास्टर प्लान है जिसका उद्देश्य भारत में परिवहन एवं कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। 
  • यह विभिन्न मंत्रालयों के कार्यों को एकीकृत करता है, एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करता है और भू-स्थानिक सूचना प्रणाली (GIS) का लाभ उठाता है। 
  • इसका लक्ष्य एक बाधा रहित एवं कुशल मल्टीमॉडल परिवहन नेटवर्क बनाना है जिससे कनेक्टिविटी बढ़ेगी तथा लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी।
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