New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 26th Sept. 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 26th Sept. 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

नोवा विस्फोट

(प्रारंभिक परीक्षा : अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व कि सामयिक घटनाएँ, सामान्य विज्ञान)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता से संबंधित विषय)

संदर्भ

खगोलशास्त्रियों के अनुसार इस वर्ष सितंबर में पृथ्वी से 3,000 प्रकाशवर्ष दूर स्थित ‘टी कोरोना बोरेलिस’ में नोवा विस्फोट की संभावना है। इस घटना को जीवनचक्र में एक बार होने वाली परिघटना माना जाता है। 

क्या है नोवा विस्फोट (Nova Explosion)

  • नोवा विस्फोट एक तारे के विस्फोट की नाटकीय घटना है, जब वह तारा समीप स्थित किसी अन्य तारे के साथ संपर्क में आता है। 
  • यह एक ही प्रणाली में दो निकट स्थित तारों के नष्ट होने की लंबी व धीमी प्रक्रिया में बार-बार होने वाली परिघटना को दर्शाता है।
  • जिस तारा प्रणाली में नोवा की परिघटना हो रही है उसे टी कोरोना बोरेलिस (T Coronae Borealis या T CrB) या ब्लेज़ स्टार (Blaze Star) के नाम से भी जाना जाता है। 

SUPERNOVA

नोवा विस्फोट प्रणाली में शामिल तारे 

  • इस प्रणाली में दो तारे शामिल होते हैं : 
    • सफ़ेद बौना तारा (White Dwarf)
    • लाल विशालकाय तारा (Red Giant)
  • सफ़ेद बौना तारा एक बड़े तारे का सघन अवशेष है। यह पृथ्वी ग्रह के आकार और सूर्य के समान द्रव्यमान का है।
  • इसके समीप स्थित लाल विशालकाय तारा अपने अस्तित्व के अंतिम वर्षों में है जिसमें घने सफ़ेद बौने तारे के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव द्वारा धीरे-धीरे हाइड्रोजन की कमी होती जाती है।
    • इसके कारण उच्च ताप एवं दाब उत्पन्न होता है जो अंततः एक विशाल थर्मोन्यूक्लियर विस्फोट को ट्रिगर करता है। 
    • चूँकि यह विस्फोट तारों को पूरी तरह से नष्ट नहीं करता है, इसलिए यह घटना समय के साथ दोहराई जाती है। 
    • यह घटना सैकड़ों-हज़ारों वर्षों तक जारी रह सकती है।
  • टी सीआरबी के लिए यह नोवा घटना लगभग प्रत्येक 80 वर्ष में घटित होती है। इसलिए खगोलविद ‘टी सीआरबी’ को ‘आवर्ती नोवा’ कहते हैं। 
    • यह प्रत्येक 76 वर्ष में होने वाली हैली धूमकेतु घटना की तरह है।
  • इस नोवा घटना को नग्न आँखों से देखा जा सकता है। नग्न दृष्टि से नोवा आकाश में एक नए तारे के समान दिखाई देता है। 

नोवा एवं सुपरनोवा में अंतर 

  • सुपरनोवा अंतिम विस्फोट है जो तारों को पूरी तरह से नष्ट कर देता है जबकि नोवा घटना में बौना तारे का अस्तित्व बना रहता है। 
  • इसीलिए नोवा घटनाओं के अलग-अलग चक्र होते हैं, जो कुछ वर्षों से लेकर सैकड़ों-हज़ारों वर्षों तक होते हैं।

टी सीआरबी में पूर्व में नोवा की घटना 

  • टी सीआरबी नोवा को पृथ्वी से आखिरी बार वर्ष 1946 में देखा गया था। माना जाता है कि टी सीआरबी नोवा का पहला रिकॉर्ड 800 वर्ष पूर्व 1217 ई. में जर्मनी में देखा गया था। 
    • टी सीआरबी में नोवा विस्फोट की घटना दिसंबर 1787 में भी देखी गई थी।
  • खगोलविदों ने बहुत पहले सुपरनोवा घटनाओं को दर्ज किया है। सुपरनोवा का पहला दृश्य लगभग 2000 वर्ष पूर्व 185 ई. में देखा गया था जब चीनी खगोलविदों ने आठ महीनों तक रात के आसमान में एक अजीब ‘अतिथि तारा’ देखा था।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR