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भारत में विदेशियों को अंग दान

संदर्भ

  • हाल ही में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने संभावित व्यावसायिक लेनदेन संबंधी चिंताओं के बीच भारत में विदेशी नागरिकों से जुड़े अंग प्रत्यारोपण की जांच का आदेश दिया है।
  • राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) के आंकड़ों से पता चलता है कि निजी अस्पतालों से अंग प्रत्यारोपण कराने वाले विदेशी नागरिकों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 
    • रिपोर्ट में अनधिकृत "वाणिज्यिक लेनदेन" की भी आशंका व्यक्त की गई है।

अंग प्रत्यारोपण क्या है?

  • अंग प्रत्यारोपण एक व्यक्ति से एक अंग को निकालकर, दूसरे व्यक्ति के शरीर में प्रत्यारोपित करने की शल्य प्रक्रिया है।
  • प्रत्यारोपण की संख्या के मामले में भारत विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर है।
  • कुल मिलाकर, मृत और जीवित दोनों दाताओं सहित अंग प्रत्यारोपण, वर्ष 2013 में 4,990 से बढ़कर वर्ष 2022 में 15,561 हो गया।

भारत में अंग प्रत्यारोपण से संबंधित कानून

  • भारत में अंग प्रत्यारोपण को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक कानून मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम (THOA), 1994 है।
  • यह अधिनियम चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए मानव अंगों को हटाने, भंडारण और प्रत्यारोपण की एक प्रणाली प्रदान करने तथा मानव अंगों में वाणिज्यिक लेनदेन की रोकथाम के लिए अधिनियमित किया गया है। 

अंग दान के लिए पात्रता

  • अंग दान की पात्रता मुख्य रूप से दाता की शारीरिक स्थिति (उम्र नहीं) पर आधारित होती है, जिसमें जीवित (18 वर्ष से ऊपर) और मृत व्यक्ति दोनों पात्र होते हैं।
  • मृतक के अंग दान के लिए परिवार की सहमति आवश्यक है।
  • नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी उम्र के व्यक्ति मृत दाताओं से प्रत्यारोपण के लिए अंग प्राप्त कर सकते हैं और मृत दाता से अंग प्रत्यारोपण वाले रोगी के पंजीकरण के लिए राज्य निवास की आवश्यकता को हटा दिया गया है।

विनियमन के लिए आवश्यक सुझाव 

  • THOTA का अनुपालन: अधिकारियों को मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (THOTA), 1994 का अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए। किसी भी उल्लंघन की स्थिति में उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
  • यूनिक ID: स्वास्थ्य अधिकारियों की पारदर्शिता और निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए सभी प्रत्यारोपण मामलों में अंग दाताओं व प्राप्तकर्ताओं के लिए एक यूनिक NOTTO-ID का निर्माण सुनिश्चित करना चाहिए।
  • डेटा साझा करना: पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए NOTTO के साथ विदेशियों से जुड़े मामलों सहित, प्रत्यारोपण डेटा का नियमित संग्रह और साझाकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

                     राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO)

  • NOTTO स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है। 
  • यह देश भर में अंग और ऊतक की खरीद एवं वितरण के लिए समन्वय व नेटवर्क बनाता है। 
  • इसके अतिरिक्त, यह अंग और ऊतक दान एवं प्रत्यारोपण गतिविधियों की एक रजिस्ट्री बनाए रखता है।
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