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बाह्य अंतरिक्ष संधि

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र-3: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता)

संदर्भ 

हाल ही में, पोलारिस डॉन मिशन के चालक दल ने पहली बार निजी स्पेसवॉक किया। अरबपति जेरेड इसाकमैन और एलन मस्क के स्पेसएक्स द्वारा निष्पादित यह मिशन किसी भी तरह से नासा या अमेरिकी सरकार द्वारा विनियमित नहीं है। ऐसे में इसे बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty : OST) के अनुच्छेद VI का उल्लंघन माना जा रहा है।

क्या है बाह्य अंतरिक्ष संधि 

  • ‘चंद्रमा एवं अन्य खगोलीय पिंडों सहित बाह्य अंतरिक्ष की खोज व उपयोग में राज्यों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों पर संधि’ या OST शीत युद्ध के दौरान अक्तूबर 1967 में लागू हुई। 
    • संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में इस संधि को 27 जनवरी, 1967 को अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम एवं सोवियत संघ के हस्ताक्षर के लिए खोला गया। वर्तमान में 115 देश इस संधि के पक्षकार हैं।
  • यह बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय संधि अंतरिक्ष कानून पर एक बुनियादी ढाँचा प्रदान करती है जो वर्तमान में भी लागू है।
  • OST की उत्पत्ति वर्ष 1959 में अंटार्कटिका की संप्रभुता के संबंध में हस्ताक्षरित समझौते के समान हुई थी जिसमें क्षेत्रीय विस्तार, परमाणु परीक्षण और दक्षिणी महाद्वीप के संसाधनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाए गए थे।

बाह्य अंतरिक्ष (Outer Space)

  • बाह्य अंतरिक्ष वह क्षेत्र है जो किसी ग्रह के वायुमंडल से परे फैला हुआ है, जिसमें ग्रहों, तारों एवं चंद्रमाओं (उपग्रहों) जैसे खगोलीय पिंडों के बीच का स्थान शामिल है।
  • पृथ्वी के लिए, बाह्य अंतरिक्ष समुद्र तल से लगभग 100 किमी. (62 मील) ऊपर ‘कार्मन लाइन’ पर शुरू होता है, जो वायुमंडल को बाह्य अंतरिक्ष से अलग करती है। पृथ्वी के वायुमंडल की सबसे बाहरी परत सतह से लगभग 600 मील (960 किमी.) ऊपर तक फैली हुई है।

OST द्वारा निर्धारित मौलिक सिद्धांत 

  • बाह्य अंतरिक्ष का अन्वेषण एवं उपयोग सभी देशों के लाभ व हितों के लिए किया जाएगा और यह सभी मानव जाति का अधिकार क्षेत्र होगा। 
  • बाह्य अंतरिक्ष सभी राज्यों द्वारा अन्वेषण एवं उपयोग के लिए स्वतंत्र होगा। 
  • बाह्य अंतरिक्ष संप्रभुता के दावे, उपयोग या कब्जे के माध्यम से या किसी अन्य तरीके से राष्ट्रीय विनियोग (देशों द्वारा उपयोग) के अधीन नहीं है। 
  • राज्य परमाणु हथियार या अन्य सामूहिक विनाश के हथियारों को कक्षा में या आकाशीय पिंडों पर नहीं स्थापित करेंगे या उन्हें किसी अन्य तरीके से बाह्य अंतरिक्ष में तैनात नहीं करेंगे। 
  • चंद्रमा एवं अन्य आकाशीय पिंडों का उपयोग केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। 
  • अंतरिक्ष यात्रियों को मानव जाति के दूत के रूप में माना जाएगा। 
  • राज्य (देश) राष्ट्रीय अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होंगे, चाहे ये गतिविधियाँ सरकारी या गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा की गई हों। 
  • राज्य अपने अंतरिक्ष पिंडों (उपग्रहों आदि) से होने वाले नुकसान के लिए उत्तरदायी होंगे। 
  • राज्य अंतरिक्ष एवं आकाशीय पिंडों के हानिकारक संदूषण का प्रसार करने से बचेंगे।

OST का अनुच्छेद VI

  • OST वार्ता में एक बड़ा मुद्दा अंतरिक्ष में निजी हितधारकों की भूमिका को लेकर था। 
    • तत्कालीन सोवियत संघ अंतरिक्ष अन्वेषण को केवल राष्ट्र राज्यों तक सीमित रखना चाहता था जबकि अमेरिका इसे निजी हितधारकों के लिए खोलने के समर्थन में था। 
  • OST का अनुच्छेद VI के अनुसार बाह्य अंतरिक्ष (जिसमें चंद्रमा और अन्य खगोलीय पिंड शामिल हैं) में गैर-सरकारी संस्थाओं की गतिविधियों को संधि के उपयुक्त राज्य द्वारा प्राधिकृत करने एवं निरंतर पर्यवेक्षण की आवश्यकता होगी।
  • प्रभावी रूप से गृह देश अपनी धरती (क्षेत्र) से होने वाली अंतरिक्ष गतिविधियों और किसी भी दुर्घटना के लिए भी उत्तरदायी होगा। 

अमेरिका द्वारा उल्लंघन 

  • कुछ विद्वानों का मानना ​​है कि पोलारिस डॉन मिशन अनुच्छेद VI का उल्लंघन है और रूस ऐसे मिशनों पर आपत्ति कर सकता है क्योंकि यह मिशन वर्तमान में किसी भी अमेरिकी सरकारी एजेंसी द्वारा प्राधिकृत और निरंतर पर्यवेक्षण के अधीन नहीं है
  • विगत दो दशकों से अमेरिकी कांग्रेस ने निजी अंतरिक्ष हितधारकों पर संघीय उड्डयन प्राधिकरण (Federal Aviation Authority : FAA) की निगरानी को केवल पृथ्वी पर रॉकेट एवं अंतरिक्ष यान सुरक्षा तक सीमित कर दिया है। 
  • संघीय कानून के तहत FAA को वाणिज्यिक मानव अंतरिक्ष यान में सवार लोगों की सुरक्षा के लिए नियम जारी करने से प्रतिबंधित किया गया है।
    • साथ ही, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के पास भी कोई निगरानी जिम्मेदारी नहीं है।

संधि को अद्यतन करने की आवश्यकता 

  • वर्तमान में निजी अंतरिक्ष हितधारकों को प्राधिकृत करने एवं उनकी निगरानी करने वाला कोई अंतर्राष्ट्रीय बाध्यकारी नियम तथा तकनीकी मानक व प्रक्रिया नहीं हैं।
  • निजी हितधारकों के अंतरिक्ष क्षेत्र में अधिक प्रमुख होने के साथ-साथ शीत युद्ध-युग के OST पर पुनर्विचार करने और अस्पष्टताओं को दूर करने की आवश्यकता है। 
  • विशेषज्ञों के अनुसार, इस संबंध में एक अंतर्राष्ट्रीय एवं स्वतंत्र अंतरिक्ष सुरक्षा संस्थान स्थापित किया जाना चाहिए जो तीसरे पक्ष के रूप में अंतरिक्ष कंपनियों की समीक्षा करेगा। 
  • नवंबर 2023 में अमेरीकी नेशनल स्पेस काउंसिल (NSC) ने एक मसौदा विधेयक जारी किया जो निजी अंतरिक्ष स्टेशनों, ऑफ-अर्थ मैन्युफैक्चरिंग और अंतरिक्ष मलबा हटाने सहित नई अंतरिक्ष गतिविधियों एवं बुनियादी ढांचे के लिए निगरानी के संबंध में प्रावधान करता है। यह विधेयक अभी लंबित है।
    • हालाँकि, यदि यह विधेयक पारित भी हो जाता है, तो भी निजी हितधारक सैद्धांतिक रूप से नियमों से बचने के लिए अपने कार्यसंचालन एवं गतिविधियों को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर सकते हैं।
    • यही कारण है कि विशेषज्ञों ने इस मामले के लिए अंतर्राष्ट्रीय समाधान की मांग की है।
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