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तेंदुओं की स्थिति पर रिपोर्ट

संदर्भ

हाल ही में, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने ‘भारत में तेंदुओं की स्थिति पर रिपोर्ट’ जारी की।

प्रमुख बिंदु

  • यह रिपोर्ट वर्ष 2018 के लिये जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में तेंदुओं की संख्या वर्ष 2014 की तुलना में 60% की बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2018 में 12,852 हो गई है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत में तेंदुओं की सर्वाधिक संख्या क्रमशः मध्य प्रदेश (3,421), कर्नाटक और महाराष्ट्र में होने का अनुमान है।
  • क्षेत्र-वार वितरण के आधार पर मध्य भारत और पूर्वी घाट में सबसे अधिक तेंदुए पाए गए, जबकि पूर्वोत्तर की पहाड़ियों में केवल 141 तेंदुए होने का अनुमान है।

गणना में शामिल क्षेत्र

  • तेंदुओं की संख्या की गणना न केवल टाइगर रेंज में की गई बल्कि गैर-वन क्षेत्रों, जैसे-कॉफी, चाय के बागान और अन्य भौगोलिक क्षेत्रों में भी की गई है।
  • हालाँकि, गणना में हिमालय के ऊँचाई वाले एवं शुष्क क्षेत्रों तथा पूर्वोत्तर भारत के क्षेत्रों को शामिल नहीं किया गया, क्योंकि यहाँ तेंदुओं की बेहद कम संख्या होने के आसार हैं।
  • तेंदुओं की गणना के लिये कैमरा ट्रैपिंग विधि का उपयोग किया गया।

तेंदुओं की आबादी के लिये प्रमुख खतरे

  • भारत में पिछले 120-200 वर्षों में मानव-जनित कारणों से संभवतः 75-90% तेंदुओं की संख्या में गिरावट का अनुमान व्यक्त किया गया है।
  • भारतीय उपमहाद्वीप में अवैध शिकार, प्राकृतिक आवासों को क्षति, मानव-संघर्ष आदि तेंदुए की आबादी के लिये प्रमुख खतरे हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार बाघ की निगरानी से तेंदुए जैसी प्रजातियों का आकलन करने में काफी मदद मिली है।

तेंदुआ (Leopard)

  • इसे भारतीय तेंदुआ, गुलदार अथवा बघेरा के नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम पैंथरा पर्डस (Panthera pardus) है।
  • भारतीय तेंदुआ भारत, भूटान, बांग्लादेश, म्याँमार, नेपाल, पाकिस्तान और चीन में पाया जाता है। तेंदुआ भारत में, मुख्य रूप से 17 राज्यों में बाघ के साथ-साथ पाए जाते हैं।
  • तेंदुआ सभी प्रकार के वनों में पाए जाते हैं, जैसे- उष्णकटिबंधीय वर्षावन, समशीतोष्ण पर्णपाती, अल्पाइन शंकुधारी वन, वर्षावन, सवाना, सूखी झाड़ियाँ, घास के मैदान, रेगिस्तान तथा चट्टानी क्षेत्र।

वर्तमान स्थिति

  • जुलाई 2015 के आकलन के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट में तेंदुए की श्रेणी संकटापन्न (Near Threatened) से बदलकर सुभेद्य/संवेदनशील (Vulnerable) कर दी गई।
  • तेंदुआ को ‘भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972’ में सूची-I के अंतर्गत संरक्षित किया गया है।
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