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कालाजार के बढ़ते मामले 

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, पश्चिम बंगाल में काला बुखार या 'कालाजार' के कई मामले सामने आए हैं। 

कालाजार रोग 

  • इस रोग को विसरल लीशमैनियासिस के नाम से भी जाना जाता है, जो एक एक जटिल संक्रामक रोग है।
  • यह प्रोटोजोआ परजीवी 'लीशमैनिया डोनोवानी' (Leishmania donovani) से संक्रमित मादा फ्लेबोटोमाइन सैंडफ्लाइज़ के काटने से फैलता है।   

रोग के लक्षण 

  • वजन कम होना
  • प्लीहा एवं यकृत का बढ़ना
  • रक्ताल्पता
  • बुखार

रोग का उपचार 

उपचार के लिये एंटी-लीशमैनियल दवाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वेक्टर नियंत्रण की भी सिफारिश की गई है, जिसका अर्थ है कि कीटनाशक स्प्रे, कीटनाशक-उपचारित जालों के उपयोग आदि के माध्यम से आसपास के क्षेत्र में सैंडफ्लाइज़ की संख्या को कम करके रोग के संचरण को कम करना या बाधित करना।

भारत की स्थिति 

भारत सरकार ने वर्ष 2015 तक देश से इस बीमारी को खत्म करने का लक्ष्य रखा था, जिसे अब तक प्राप्त नहीं किया जा सका है। हालांकि, राष्ट्रीय कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम के माध्यम से मामलों की संख्या में काफी कमी आई है।

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