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साहुल

हाल ही में, पुरातत्त्ववेत्ताओं ने अटलांटिस जैसे एक प्राचीन महाद्वीप (स्थल खंड) के साक्ष्य की खोज की है। 

SAHUL

खोज के संबंध में प्रमुख बिंदु 

  • इस स्थल खंड को साहुल (Sahul) नाम दिया गया है। लगभग 7,000 दशक पहले यह स्थल खंड समुद्र की सतह से ऊपर था।
  • इसने 70,000 वर्ष से भी अधिक समय पहले प्राचीन मनुष्यों को एशियाई महाद्वीप से ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचने में मदद किया था।

साहुल का विकास 

  • साहुल को एक सुपरकॉन्टिनेंट या महाद्वीप कहा जा सकता है। पृथ्वी की सतह पर महाद्वीप के रूप में इसका विकास अंतिम हिमयुग (Ice Age) के मध्य काल में हुआ।
  • चूँकि हिमयुग के कारण पृथ्वी पर जल स्तर के हिमनदीकरण (Glaciation) की प्रक्रिया शुरू हुई, जिससे साहुल जैसे कुछ स्थल खण्डों की भूमि हिमाच्छादित हो गई।
  • यह वर्तमान ऑस्ट्रेलिया को उत्तर में पापुआ न्यू गिनी एवं दक्षिण में तस्मानिया से जोड़ता था।
  • उपलब्ध आंकड़ों एवं भू-वैज्ञानिक व पर्यावरणीय परिस्थितियों की रिवर्स इंजीनियरिंग के आधार पर शोधकर्ता ने साहुल के प्राकृतिक स्थिति का सिमुलेशन (Simulation) किया।
  • इन सिमुलेशन के उपयोग से यह समझने में भी मदद मिली कि मनुष्य प्रतिकूल समय में भोजन एवं आश्रय की तलाश में अपरिचित परिस्थितियों में भी दुनिया भर में बहुत तेज़ी से आगे बढ़ते रहे हैं।
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