New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

आयनात/अयनांत 

प्रारम्भिक परीक्षा – शीत आयनात या शीत संक्रांति, ग्रीष्म आयनात या कर्क संक्राति
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 1

संदर्भ

21 एवं 22 दिसंबर को सूर्य की दूरी उत्तरी गोलार्ध से सबसे ज्यादा दूरी के कारण सबसे लंबी रात करीब सवा 13 घंटा और सबसे छोटा दिन लगभग 10 घंटा 43 मिनट का होगा। इस घटना को शीत आयनात या शीत संक्रांति कहते हैं।

solstice-solstice

  • भारतीय पंचांग के अनुसार 14 जनवरी मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण होने की बात कही जाती है। 
  • वैज्ञानिको के अनुसार, 21 और 22 दिसंबर को सूर्य उत्तरायण होता है। 

आयनात/अयनांत :- 

  • यह एक खगोलीय घटना है जो वर्ष में दो बार घटित होती है।
  • इस समय दक्षिणी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु है। इसके विपरीत उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु होता है।
  • उत्तरी गोलार्ध में इस समय सूर्य की किरणें बेहद तिरछी पड़ती हैं। सूर्य का पृथ्वी से अधिक दूरी होने के कारण सूर्य की किरणों से ऊष्मा की मात्रा पृथ्वी पर कम पहुंचती है जिससे यहाँ  तापमान कम हो जाता है। 

शीत आयनात :-

solstice

  • 21 एवं 22 दिसम्बर को जब सूर्य मकर रेखा पर लंबवत होता है तब दक्षिणी गोलार्ध में सबसे लंबी अवधि जबकि उत्तरी गोलार्ध में सबसे छोटी अवधि का दिन रहता है। इस घटना को शीत आयनात (विंटर सालिस्टिक) कहते हैं। 
  • शीत आयनात के समय दिन की अवधि 10 घंटा 43 मिनट और रात की अवधि 13 घंटे 17 मिनट होती है। 
  • मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य के घूमने के अनुसार शीत आयनात एवं ग्रीष्म आयनात की स्थिति बनती है। 

ग्रीष्म आयनात या कर्क संक्रांति :-

  • 21 जून को जब सूर्य पृथ्वी के बिल्कुल लंबवत होता है तो उस दिन की अवधि सबसे लंबी एवं रात छोटी होती है। इस घटना को ग्रीष्म आयनात या कर्क संक्रांति कहते हैं। 

विषुव:-

  • 21 मार्च एवं 23 सितंबर को सूर्य की किरणें विषुवत् वृत्त पर सीधी पड़ती हैं। इस अवस्था में कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर नहीं झुका होता है, इसलिए पूरी पृथ्वी पर रात एवं दिन बराबर होते हैं। इसे विषुव कहा जाता है।
  • 23 सितंबर को उत्तरी गोलार्ध में शरद् ऋतु होती है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में वसंत ऋतु होती है। 21 मार्च को स्थिति इसके विपरीत होती है जब उत्तरी गोलार्ध में वसंत ऋतु तथा दक्षिणी गोलार्ध में शरद् ऋतु होती है।
  • पृथ्वी के घूर्णन एवं परिक्रमण के कारण दिन एवं रात तथा ऋतुओं में परिवर्तन होता रहता है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- निम्नलिखित में से किस घटना को शीत आयनात या शीत संक्रांति कहते हैं?

(a) 21 एवं 22 मार्च

(b)  21 एवं 22 सितंबर

(c)  21 एवं 22 नवंबर 

(d)  21 एवं 22 दिसंबर 

उत्तर: (d)

मुख्य परीक्षा प्रश्न:- पृथ्वी पर दिन एवं रात तथा ऋतुओं में परिवर्तन होने के कारणों की विवेचना कीजिए।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X