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स्पेस वेरिएबल ऑब्जेक्ट्स मॉनिटर

चर्चा में क्यों 

हाल ही में चीन और फ्रांस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित स्पेस वेरिएबल ऑब्जेक्ट्स मॉनिटर उपग्रह को सिचुआन प्रांत के शीचांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से कक्षा में प्रक्षेपित किया गया है।

स्पेस वेरिएबल ऑब्जेक्ट्स मॉनिटर (SVOM) के बारे में 

  • यह चीन और फ्रांस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया पहला खगोल विज्ञान उपग्रह है। 
  • स्पेस वेरिएबल ऑब्जेक्ट्स मॉनिटर (SVOM) अंतरिक्ष यान से खगोलीय अन्वेषणों में अहम भूमिका निभाएगा। 
  • उपग्रह का प्राथमिक उद्देश्य ब्रह्मांड में गामा-किरणों के विस्फोट का पता लगाना, उनके विद्युत चुम्बकीय विकिरण गुणों को मापना और उनका अध्ययन करना है।
  • इस उपग्रह में चार पेलोड हैं: 
    • फ्रांस निर्मित ECLAIRs और MXT दूरबीने, जो गामा किरणों के विस्फोट (GRBs) का पता लगाएंगे। 
    • चीनी द्वारा निर्मित पेलोड गामा रे बर्स्ट  (GRB) मॉनिटर के स्पेक्ट्रम को मापेगा। 
    • चीन द्वारा विकसित विज़िबल टेलीस्कोप GRB के तुरंत बाद उत्पन्न होने वाले दृश्यमान उत्सर्जन का पता लगाएगा और उसका निरीक्षण करेगा।
  • उपग्रह को 96 मिनट की परिक्रमा अवधि के साथ 625 किमी की ऊंचाई पर निचली पृथ्वी की कक्षा(LOW EARTH ORBIT) में स्थापित किया गया है।

गामा-किरण विस्फोटों के अध्ययन की आवश्यकता

  • जी.आर.बी. अत्यधिक ऊर्जावान गामा किरणों का विस्फोट है, जो एक सेकंड से भी कम समय से लेकर कई मिनट तक रहता है। 
    • नासा के अनुसार, वे ब्रह्मांड के दूर के क्षेत्रों में होने वाले विस्फोट के लिए जाने जाते हैं और "सूर्य की चमक से एक क्विंटिलियन गुना अधिक चमक के साथ फट सकते हैं"।
  • जी.आर.बी. दो प्रकार के होते हैं, लघु जी.आर.बी. और दीर्घ जी.आर.बी.।
    • लघु जी.आर.बी. या तो दो न्यूट्रॉन तारों या एक न्यूट्रॉन तारे और एक ब्लैक होल के टकराव का परिणाम होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप ब्लैक होल बनता है। वे दो सेकंड से भी कम समय तक चलते हैं। 
    • दीर्घ जी.आर.बी. विशाल तारों की विस्फोटक मृत्यु के कारण उत्पन्न होते हैं। ये दो सेकंड या उससे अधिक समय तक रह सकते हैं।
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