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स्क्वैलस हिमा

भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (Zoological Survey of India : ZSI) के वैज्ञानिकों ने केरल में स्थित शक्तिकुलंगरा मत्स्ययन बंदरगाह से गहरे पानी के डॉगफ़िश (Dogfish) शार्क की एक नई प्रजाति ‘स्क्वैलस हिमा’ (Squalus Hima) की खोज की है।

 स्क्वैलस हिमा के बारे में 

  • स्क्वैलस स्क्वैलिडे (Squalidae) कुल में डॉगफ़िश शार्क की एक प्रजाति है जिसे स्परडॉग (Spurdogs) के रूप में भी जाना जाता है। 
  • चिकनी पृष्ठीय पंख रीढ़ (Smooth Dorsal Fin Spines) इसकी प्रमुख विशेषता है।
  • स्क्वैलस हिमा कुल कशेरुकाओं, दांतों की संख्या, धड़ एवं सिर की ऊंचाई, पंख की संरचना व रंग के आधार पर अन्य प्रजातियों से भिन्न है।
  • भारती में स्क्वैलस की दो प्रजातियाँ भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर पाई जाती हैं। 
  • वैज्ञानिकों के अनुसार स्क्वैलस एवं सेंट्रोफोरस वंश से संबंधित प्रजातियों का यकृत तेल (Liver Oil) के लिए शिकार किया जाता है।
    • इस तेल में स्क्वैलीन (Squalene) की उच्च मात्रा होती है। स्क्वैलीन एक प्राकृतिक एमोलिएंट (Emollient : मृदुकारक) है जिसका उपयोग त्वचा को नमीयुक्त (Moisturize) एवं मुलायम बनाने वाले उत्पादों में किया जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।
  • उच्च श्रेणी के कॉस्मेटिक उत्पादों और कैंसर रोधी उत्पादों के निर्माण में स्क्वैलीन की अत्यधिक मांग है।
  • डॉगफ़िश शार्क अपने पंखों, यकृत तेल एवं मांस व्यापार के कारण व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। 
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