New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

स्टेट ऑफ़ द ग्लोबल क्लाइमेट 2022 रिपोर्ट 

प्रारंभिक परीक्षा के लिए - स्टेट ऑफ़ द ग्लोबल क्लाइमेट 2022
मुख्य परीक्षा के लिए : सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र 3 - पर्यावरण प्रदूषण और संरक्षण

सन्दर्भ 

  • हाल ही में, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) द्वारा "स्टेट ऑफ़ द ग्लोबल क्लाइमेट 2022" रिपोर्ट प्रकाशित की गयी।

रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष

  • रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक समुद्र स्तर में अभूतपूर्व दर से वृद्धि हो रही है, यदि शमन के प्रयास नहीं किए गए, तो समुद्र के बढ़ते स्तर का मौसम के पैटर्न, कृषि, मौजूदा जल संकट पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है।
  • रिपोर्ट में ग्लेशियर के पिघलने, वैश्विक तापमान में निरंतर वृद्धि, ग्रीनहाउस गैसों की सघनता के स्तर, पूर्वी अफ्रीका में सूखे की स्थिति, पाकिस्तान में अभूतपूर्व वर्षा तथा 2022 में यूरोप और चीन में अत्यधिक गर्मी की लहरों जैसे अन्य मुद्दों पर भी प्रकाश डाला गया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, सूखा, बाढ़ और गर्मी जैसी चरम मौसम की स्थिति ने मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है और इसके महत्वपूर्ण आर्थिक प्रभाव भी दिखाई दिये हैं।
  • अंटार्कटिक में समुद्री बर्फ अब तक की अपनी सबसे कम सीमा तक गिर गई और यूरोपीय क्षेत्र के कुछ ग्लेशियरों के पिघलने की दर भी काफी अधिक है।

वैश्विक समुद्र-स्तर में वृद्धि की सीमा

  • 1990 के दशक से शोधकर्ता और पर्यावरणविद सैटेलाइट अल्टीमीटर की मदद से वैश्विक समुद्र-स्तर की वृद्धि का अनुसरण कर रहे हैं।
  • सैटेलाइट अल्टीमीटर राडार पल्स को समुद्र की सतह की ओर भेजते हैं और वे वापस प्रतिबिंबित करने के समय के साथ-साथ उनकी तीव्रता में परिवर्तन को भी मापते हैं।
  • यदि समुद्र का स्तर ऊंचा है, तो वापस आने वाला संकेत तेज और मजबूत होगा।
  • शोधकर्ता पृथ्वी पर विभिन्न बिंदुओं से इस तरह के डेटा एकत्र करके वैश्विक औसत समुद्र स्तर में परिवर्तन का निर्धारण करने में सक्षम हैं और समुद्र के स्तर में परिवर्तन की दर भी निर्धारित करते हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र के स्तर में वृद्धि की दर जो 1993-2002 में 2.27 मिमी/वर्ष थी, 2013-2022 में बढ़कर 4.62 मिमी/वर्ष हो गई है।

समुद्र के स्तर वृद्धि के प्रमुख कारण

  • WMO की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते वैश्विक समुद्र स्तर के लिए निम्नलिखित कारण जिम्मेदार हैं -

1. महासागर के तापमान में वृद्धि

    • समुद्र के स्तर में वृद्धि में समुद्री जल के तापमान में वृद्धि का 55% योगदान है।
    • कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता में वृद्धि ने ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ा दिया है इससे समुद्र का तापमान में वृद्धि हुयी है।
    • समुद्र के तापमान में वृद्धि होने के कारण समुद्री जल थर्मल विस्तार से गुजरता है, जिसके परिणामस्वरूप वैश्विक समुद्र स्तर में वृद्धि होती है।

2. ग्लेशियरों और बर्फ की चादरों का पिघलना 

    • वैश्विक समुद्र स्तर की वृद्धि में, ग्लेशियरों और बर्फ की चादरों के  पिघलने का लगभग 36% योगदान है।

3. भूमि जल भंडारण में परिवर्तन

    • भूमि जल के भंडारण में परिवर्तन का वैश्विक औसत समुद्र स्तर में वृद्धि में लगभग 10% योगदान है।

वैश्विक समुद्र स्तर में वृद्धि से जुड़ी चुनौतियाँ

Population

  • समुद्र के स्तर में वृद्धि से आने वाले वर्षों में मानव उपयोग के लिए भूमि की भारी कमी होगी जिसका तटीय क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।
  • समुद्र के बढ़ते तापमान के साथ वैश्विक औसत समुद्र स्तर में वृद्धि से चक्रवातों की संभावना बढ़ जाएगी।
  • वैश्विक समुद्र स्तर वर्तमान दर से बढ़ना जारी रखता है, तो इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि समुद्री जल जमीन में रिस सकता है, जिसके कारण भूजल अधिक खारा हो सकता है।
  • भूजल के खारा हो जाने से जल संकट बढ़ जाएगा और आस-पास के क्षेत्रों में कृषि प्रभावित होगी।
  • वैश्विक समुद्र स्तर में वृद्धि के कारण तटीय पारिस्थितिकी तंत्र में नकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं।
  • समुद्र के स्तर में वृद्धि तटीय समुदायों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगी, इससे समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिरता खतरे में आ जाएगी जो हजारों लोगों के विस्थापन का कारण बन सकती है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X