New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 21st Sept. 2026, 11:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 21st Sept. 2026, 11:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

 भगवान धन्वंतरि की मूर्ति

प्रारंभिक परीक्षा - हर्षिल क्षेत्र, वन संरक्षण अधिनियम, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, राष्ट्र ऋषि, आयुर्वेद ऋषि, ऋषि ग्लेशियर, धन्वंतरि
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-1

चर्चा में क्यों-

  • 9 सितंबर 2023 को उत्तराखंड राज्य के वन अधिकारी प्रमुख योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा संचालित पतंजलि संस्थान द्वारा समुद्र से लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर हर्षिल क्षेत्र के हॉर्न में भगवान धन्वंतरि की 1 क्विंटल की मूर्ति स्थापित करने के प्रयास को रोक दिया, क्योंकि यह ‘वन संरक्षण अधिनियम’ का उल्लंघन करता है।

मुख्य बिंदु-

  • केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के ‘नेहरू पर्वतारोहण संस्थान’ (एनआईएम)  और पतंजलि ने हिमालय में दुर्लभ औषधीय जड़ी-बूटियों को खोजने के लक्ष्य के साथ 2020 में अनिश्चित काल तक के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था। 
  • एनआईएम को पतंजलि को पर्वतारोहण की विशेषज्ञता प्रदान करनी थी, ताकि उसे दूरदराज के क्षेत्रों में जड़ी-बूटियां खोजने में मदद मिल सके।
  • एमओयू के हिस्से के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो चोटियों पर अभियानों को हरी झंडी दिखाई थी। टीमों के चोटियों पर चढ़ने के बाद उन्हें 'राष्ट्र ऋषि' और 'आयुर्वेद ऋषि' नाम दिया गया। एक ग्लेशियर का नाम 'ऋषि ग्लेशियर' रखा गया।
  • 9 सितंबर 2023 को 35 सदस्यीय टीम, जिसमें एनआईएम के प्रिंसिपल कर्नल अंशुमन भदौरिया और पतंजलि के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण शामिल थे।यह टीम 17,060 फीट ऊंचे हॉर्न ऑफ हर्सिल पीक के सर्वेक्षण अभियान पर निकला, जो गढ़वाल क्षेत्र में पड़ने वाला एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
  • अभियान में पतंजलि के सदस्य भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा को साथ लेकर गये।
  • पतंजलि के अनुसार, देवताओं के चिकित्सक के रूप में प्रतिष्ठित 'भगवान धन्वंतरि' की मूर्ति के लिए हिमालय से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती है। 
  • कुछ लोग उन्हें भगवान विष्णु का अवतार भी मानते हैं और पुराणों में उनका उल्लेख आयुर्वेद के देवता के रूप में किया गया है, धन्वंतरि संहिता को आयुर्वेद का मूल कृति माना जाता है।
  • हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, धन्वंतरि समुद्र मंथन प्रकरण के दौरान अमृत का स्वर्ण कलश लेकर प्रकट हुए थे। माना जाता है कि प्राचीन भारतीय चिकित्सक सुश्रुत मुनि ने धन्वंतरि की शिक्षाओं को आगे बढ़ाया था।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- धन्वंतरि के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. ये ऋग्वैदिक काल के प्रमुख चिकित्सक थे।
  2. ये समुद्र मंथन प्रकरण के दौरान अमृत का स्वर्ण कलश लेकर प्रकट हुए थे।
  3. धन्वंतरि संहिता को आयुर्वेद का मूल कृति माना जाता है।

उपर्युक्त में से कितना/कितने कथन सही है/हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीनों

(d) कोई नहीं

उत्तर- (b)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- धन्वंतरि कौन थे? चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान का मूल्यांकन कीजिए।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR