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स्टोनहेंज

नए विश्लेषण से पता चला है कि स्टोनहेंज के केंद्र में स्थित वेदी पत्थर (Altar Stone) को उत्तरी स्कॉटलैंड (800 किमी. दूर) से लाया गया था। हालाँकि, पूर्व में यह माना जाता था कि इसे दक्षिण-पश्चिम वेल्स से लाया गया था।

स्टोनहेंज के बारे में 

  • क्या है : इंग्लैंड के विल्टशायर के सैलिसबरी मैदान में एक प्रागैतिहासिक महापाषाणिक संरचना (Prehistoric Megalithic Structure)
  • निर्माण काल : पुरातत्वविदों के अनुसार, लगभग 3100 ई. पू. से 1600 ई. पू. तक कई चरणों में निर्मित
  • निर्माण सामग्री : दो प्रकार के पत्थरों ‘सारसेन्स’ (Sarsens) एवं ‘ब्लूस्टोन’ (Bluestones) से मिलकर निर्मित  
    • सारसेन्स बड़े पत्थर थे जिनमे से कुछ की ऊँचाई 9 मीटर और वजन 20 टन तक था।
  • वेदी पत्थर : बलुआ पत्थर का यह छह टन वजनी टुकड़ा ब्लूस्टोन में सबसे बड़ा 
  • अन्वेषण : स्टोनहेंज में पहला उत्खनन वर्ष 1620 में  
  • तकनीक : इसके निर्माण में गणित एवं ज्यामिति (Geometry) की जटिल समझ का प्रयोग 
    • यह संरचना सूर्योदय होने और सूर्यास्त की प्रक्रिया के साथ सामंजस्य रखती है। 
  • विश्व धरोहर स्थल : वर्ष 1986 में विश्व धरोहर स्थल घोषित 
  • शवाधान : स्टोनहेंज में दफनाए गए शवों के हालिया विश्लेषण के अनुसार, लगभग 3000 से 2500 ई. पू. के मध्य, नवपाषाण काल ​​के अंत में, यहां पुरुषों, महिलाओं व बच्चों को दफनाया गया था।
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