New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM

आर्टिकल-370 हटाने पर सर्वोच्च न्यायलय का निर्णय

प्रारंभिक परीक्षा: आर्टिकल-370, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019
मुख्य परीक्षा: सामान्य अध्ययन, पेपर-2

संदर्भ:

11 दिसम्बर, 2023 को सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संवैधानिक पीठ ने जम्मू-कश्मीर से संबंधित आर्टिकल-370  को हटाने के केंद्र सरकार के निर्णय को संविधान सम्मत कहा।

article-370

आर्टिकल 370 को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला:

  • संविधान पीठ में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस संजीव खन्ना शामिल थे।
  • फैसले के मुख्य बिंदु-

1.आर्टिकल 370 के स्टेटस पर- 

    • संविधान का आर्टिकल-370 अस्थायी था।
    • जम्मू-कश्मीर में युद्ध की स्थिति के कारण यह अनुच्छेद अंतरिम व्यवस्था थी।

2. सरकार के आर्टिकल 370 हटाने के निर्णय पर- 

    • इसे हटाने पर राष्ट्रपति के आदेश को वैध माना है।
    • लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले की वैधता को भी बरकरार रखा है।

3. जम्मू-कश्मीर के स्टेटस पर

    • जम्मू-कश्मीर के पास देश के अन्य राज्यों से अलग कोई आंतरिक संप्रभुता नहीं है।
    • भारतीय संविधान के सभी प्रावधान जम्मू-कश्मीर पर लागू हो सकते हैं।
    •  जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाए।

4. राष्ट्रपति के आदेश पर:

    • राष्ट्रपति के लिए जरूरी नहीं कि जम्मू-कश्मीर संविधान सभा की सिफारिश पर ही 370 पर कोई आदेश जारी करें।
    • अनुच्छेद 370 का अस्तित्व समाप्त होने की अधिसूचना जारी करने की राष्ट्रपति की शक्ति जम्मू-कश्मीर संविधान सभा के भंग होने के बाद भी बनी हुई है।
    • अधिसूचना जारी करने की राष्ट्रपति की शक्ति वैध थी।

5. जम्मू-कश्मीर संविधान सभा पर- 

    • जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा को कभी भी स्थायी निकाय बनाने का इरादा नहीं था।
    • जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा का अस्तित्व तो खत्म हो चुका है, जिस विशेष शर्त के लिए आर्टिकल 370 लागू किया गया था, उसका भी अस्तित्व खत्म हो गया।

6. जम्मू-कश्मीर में चुनाव पर-

    • केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
    • चुनाव आयोग 30 सितंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव कराए।

7. संप्रभुता के सवाल पर- 

    • 1949 में महाराजा हरी सिंह की उद्घोषणा और उसके बाद का संविधान इस तथ्य की पुष्टि करता है कि जम्मू-कश्मीर राज्य भारत का अभिन्न अंग बन गया। यह संविधान के अनुच्छेद-1 से स्पष्ट है।

article-370

आर्टिकल 370:

  • इसकी रूप-रेखा 1947 में शेख अब्दुल्ला ने तैयार की थी।
  • 17 अक्टूबर 1949 को अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान का हिस्सा बना।
  • इसे एक 'अस्थायी प्रावधान' के रूप में जोड़ा गया।
  • इसके तहत जम्मू और कश्मीर को एक विशेष स्वायत्ता वाले राज्य का दर्जा मिला।

अनुच्छेद 370 के प्रभाव:

  • इसके तहत संसद को जम्मू-कश्मीर के लिए रक्षा, विदेश और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार था।
  • अन्य कानूनों को लागू कराने के लिए केंद्र राज्य के अनुमोदन पर निर्भर था।
  • इसके कारण जम्मू-कश्मीर पर संविधान का अनुच्छेद 356 लागू नहीं होता था।
  • इसकी वजह से ही जम्मू-कश्मीर का अपना अलग झंडा और प्रतीक चिन्ह भी था।
  • भारत के दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते थे। 
  • यहां के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती थी। (एक जम्मू-कश्मीर की और दूसरी भारत की)

370 के हालिया विवाद की पृष्ठभूमि:

  • 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर से जुड़ा आर्टिकल 370 खत्म किए जाने के बाद ये विवाद शुरु हुआ।
  • IAS शाह फैसल समेत दो दर्जन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की।
  • मार्च 2020 में 5 जजों की संविधान पीठ ने केंद्र के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को 7 न्यायाधीशों की बड़ी पीठ के पास भेजने से इनकार कर दिया था।
  • अक्टूबर 2020 से सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 370 खत्म करने के राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हो रही है।
  • 14 दिसंबर 2022 को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने एक बार फिर से 5 जजों की पीठ बनाकर सुनवाई की बात कही।
  • 11 जुलाई 2023 को डीवाई चंद्रचूड़ ने 2 अगस्त से 5 जजों की पीठ के सामने रेगुलर बेसिस पर इस मामले में सुनवाई की बात कही है।
  • बेंच ने 5 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

jk-Reorganization-Act-2019

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019:

  • भारत की संसद का एक अधिनियम है।
  • इसे गृहमन्त्री ने 05 अगस्त, 2019 को राज्य सभा में प्रस्तुत किया था।
  • यह अधिनियम उसी दिन राज्य सभा द्वारा पारित कर दिया गया था।
  • 06 अगस्त को लोक सभा ने भी इसे पारित कर दिया।  
  • 09 अगस्त 2019 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने को इसे स्वीकृति दे दी।
  • इस अधिनियम में तत्कालीन जम्मू और कश्मीर राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों (पहला, जम्मू और कश्मीर; दूसरा, लद्दाख) में पुनर्गठित करने का प्रावधान किया गया था।  
  • इस अधिनियम के प्रावधान 31 अक्टूबर 2019 को लागू कर दिए गए। 

प्रश्न:- आर्टिकल-370 के सम्बन्ध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 

  1. 17 अक्टूबर 1949 को यह भारतीय संविधान का हिस्सा बना था।
  2. अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने इसे ख़त्म कर दिया था।
  3. सर्वोच्च न्यायलय ने इसको ख़त्म करने के केंद्र के निर्णय को ख़ारिज कर दिया है। 

उपर्युक्त में से कितना/कितने कथन सही है/हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी  तीनों

(d) कोई नहीं

उत्तर- (b)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न: 

सर्वोच्च न्यायलय ने केंद्र द्वारा धारा 370 को हटाने के फैसले को न्याय सम्मत माना है। यह फैसला भारत के एकीकरण को मजबूत करेगा। विश्लेषण करें।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR