New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

एजुस्डेम जेनेरिस का सिद्धांत

‘एजुस्डेम जेनेरिस’ सिद्धांत का अर्थ 

  • ‘एजुस्डेम जेनेरिस’ (Ejusdem generis) शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा से हुई है जिसका अर्थ है ‘एक ही प्रकार या प्रकृति का’। 
  • ब्लैक लॉ डिक्शनरी के अनुसार यह सिद्धांत कहता है कि जब विशिष्ट व्यक्तियों या वस्तुओं की सूची के बाद सामान्य शब्द आते हैं तो उन सामान्य शब्दों को केवल उन्हीं व्यक्तियों या वस्तुओं पर लागू माना जाता है जो सूचीबद्ध व्यक्तियों या वस्तुओं के समान सामान्य प्रकार के हों।
  • उदाहरण के लिए, यदि किसी कानून में ‘कार, ट्रक, मोटरसाइकिल और अन्य मोटर वाहन’ सूचीबद्ध हैं तो ‘अन्य मोटर वाहन’ वाक्यांश का अर्थ केवल उन्हीं भूमि-आधारित मोटर वाहनों से लगाया जाएगा जो स्पष्ट रूप से उल्लिखित वाहनों के समान हों। अर्थात विमान या नाव इस सामान्य शब्द के दायरे में नहीं आएंगे।
  • इस सिद्धांत को लॉर्ड टेंटरडेन का नियम भी कहा जाता है जो प्राचीन मूल का एक सिद्धांत है जिसका उद्देश्य सामान्य शब्दों की व्याख्या को उनसे पहले आने वाले विशिष्ट शब्दों के अनुरूप सीमित करना है।

एजुस्डेम जेनेरिस के सिद्धांत का उद्देश्य

  • एजुसडेम जेनेरिस सिद्धांत का प्राथमिक उद्देश्य कानूनों की व्याख्या को विधायी आशय के अनुरूप बनाना है। 
  • सामान्य शब्दों को अत्यधिक व्यापक अर्थ न देने से न्यायालय कानून की सुसंगति एवं उद्देश्य को बनाए रखते हैं। 
  • यह विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण होता है जब कानूनों में अस्पष्ट भाषा के कारण अनेक व्याख्याएँ हो सकती हैं।

सिद्धांत की पद्धति 

  • किसी कानून की व्याख्या करते समय न्यायालयों को प्राय: ऐसे प्रावधानों का सामना करना पड़ता है जिनमें विशिष्ट शब्दों की सूची के बाद सामान्य शब्द होते हैं। 
  • यह सिद्धांत इस बात को सुनिश्चित करने के लिए लागू होता है कि इन सामान्य शब्दों की व्याख्या अलग-थलग न की जाए, बल्कि उन्हें विशिष्ट शब्दों के समान श्रेणी या वर्ग में ही सीमित रखा जाए। 
  • यह दृष्टिकोण विधायिका के उद्देश्य की रक्षा करता है और अत्यधिक व्यापक व्याख्या को रोकता है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X