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नीलगिरि श्रेणी का तीसरा जहाज भारतीय नौसेना में शामिल

चर्चा में क्यों ?

रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित नीलगिरि श्रेणी के तीसरे युद्धपोत ‘हिमगिरि’ को भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया है।  

प्रोजेक्ट 17A फ्रिगेट की मुख्य विशेषताएँ  

  • यह एक बहुमुखी बहु-मिशन युद्धपोत है, जिसे विभिन्न समुद्री अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है।
  • यह नीलगिरि श्रेणी का हिस्सा है, जो भारतीय नौसेना की आधुनिकतम फ्रिगेट श्रृंखला है।
  • ‘हिमगिरि’ इस श्रेणी का तीसरा युद्धपोत है और GRSE, कोलकाता में निर्मित इस श्रृंखला का पहला जहाज है।
  • इसका डिज़ाइन वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो (WDB) द्वारा किया गया है।
  • इसमें मॉड्यूलर निर्माण तकनीक अपनाई गई है, जिससे निर्माण प्रक्रिया में तीव्रता और कुशलता आई है।
  • निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा किया गया है, जो नौसैनिक निर्माण की क्षमता को दर्शाता है।
  • इसमें स्टेल्थ क्षमताएं हैं, जिससे यह दुश्मन की रडार पकड़ से बच सकता है।
  • यह आधुनिक युद्धपोत ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
  • यह समुद्री गश्त, पनडुब्बी रोधी युद्ध, वायु रक्षा आदि में सक्षम है।

हिमगिरि: एक गौरवशाली पुनर्जन्म

  • नया INS हिमगिरि, पूर्ववर्ती लिएंडर श्रेणी के INS हिमगिरि का आधुनिक पुनर्जन्म है।
  • पुराना हिमगिरि 30 वर्षों तक राष्ट्र की सेवा करने के बाद 6 मई 2005 को सेवामुक्त हुआ था।
  • नया हिमगिरि आत्मनिर्भर भारत अभियान की भावना को साकार करता है और स्वदेशी युद्धपोत निर्माण की दिशा में मील का पत्थर है। 

प्रश्न. हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किए गए युद्धपोत ‘हिमगिरि’ का निर्माण किस परियोजना के तहत हुआ है ?

(a) प्रोजेक्ट 15B

(b) प्रोजेक्ट 75I

(c) प्रोजेक्ट 17A

(d) प्रोजेक्ट 28

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