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उष्णकटिबंधीय तूफान सारा

प्रमुख बिंदु :-

  • भारत ने हाल ही में आए उष्णकटिबंधीय तूफान सारा के मद्देनजर होंडुरास को 26 टन मानवीय सहायता भेजी है।
  • विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस सहायता सामग्री में सर्जिकल आपूर्ति, ग्लूकोमीटर, ऑक्सीमीटर, दस्ताने, सीरिंज, IV तरल पदार्थ, कंबल, सोने की चटाई और स्वच्छता किट सहित चिकित्सा आपूर्ति और आपदा राहत सामग्री शामिल है।
  • 14 नवंबर को होंडुरास-निकारागुआ सीमा के निकट पहुंचा, जिसके कारण 45 मील प्रति घंटे की गति से हवाएं चलीं और भारी वर्षा हुई
  • इससे भयंकर बाढ़ और भूस्खलन हुआ |

उष्णकटिबंधीय तूफान(Tropical Storm): क्या होता है ?

  • उष्णकटिबंधीय तूफान एक प्रकार का तेज़ घूमने वाला चक्रवात होता है, जो उष्णकटिबंधीय महासागरों से उत्पन्न होता है।
  • इसका केंद्र कम दबाव वाला होता है और इसके चारों ओर बादल घूमते हैं।

उष्णकटिबंधीय तूफानों की तीव्रता और प्रभाव

  • उष्णकटिबंधीय तूफानों की तीव्रता हवा की गति पर आधारित होती है।
  • जब किसी उष्णकटिबंधीय चक्रवात की अधिकतम निरंतर हवा की गति 34 नॉट (63 किमी/घंटा) से 47 नॉट (87 किमी/घंटा) तक होती है, तो इसे उष्णकटिबंधीय तूफान कहा जाता है।
  • इस प्रकार के तूफान मूसलाधार बारिश, तेज़ हवाएं, ऊँची समुद्री लहरें, तटीय बाढ़ और भूस्खलन ला सकते हैं।
  • हवाएँ उत्तरी गोलार्ध में वामावर्त (Anticlockwise) और दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिणावर्त (Clockwise) दिशा में चलती हैं।

उष्णकटिबंधीय तूफानों के क्षेत्रीय नाम

भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर, इन तूफानों को अलग-अलग नामों से जाना जाता है:

  • उत्तरी अटलांटिक: हैरिकेन (Hurricane)
  • पश्चिमी उत्तरी प्रशांत: टाइफून (Typhoon)
  • हिंद महासागर और दक्षिण प्रशांत महासागर: उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclone)

उष्णकटिबंधीय चक्रवात बनने की प्रक्रिया

उष्णकटिबंधीय चक्रवात बनने के लिए निम्नलिखित स्थितियाँ अनुकूल होती हैं:

  • गर्म महासागर से पर्याप्त ऊर्जा[26–27°C (79–81°F)]
  • वायुमंडल में पर्याप्त नमी
  • कम से मध्यम विंडशीयर (हवा की गति और दिशा में अंतर)
  • कोरिओलिस बल (पृथ्वी के घूर्णन के कारण बनने वाला बल)

भारत की वैश्विक आपदा राहत में भूमिका

  • भारत प्राकृतिक आपदाओं के समय वैश्विक स्तर पर मानवीय सहायता प्रदान करता रहा है।
  • होंडुरास को भेजी गई यह सहायता भारत की "वसुधैव कुटुंबकम" (विश्व एक परिवार है) की नीति को दर्शाती है, जिसमें वह आपदा प्रबंधन और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देता है।
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