New
Civil Services Day Offer - Valid Till : 23rd April GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 4th May 2026, 5:30PM Civil Services Day Offer - Valid Till : 23rd April GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 4th May 2026, 5:30PM

न्यूज़क्लिक के ख़िलाफ़ यूएपीए (UAPA)

प्रारंभिक परीक्षा – यूएपीए (UAPA)
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-2,3

चर्चा में क्यों

  • न्यूज़क्लिक (NewsClick) न्यूज़पोर्टल को कथित तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के माध्यम से चीन से अवैध धन प्राप्त करने के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज हुआ।

प्रमुख बिंदु

  • दिल्ली पुलिस ने चीन के समर्थन में प्रचार के लिए पैसे लेने का आरोप लगाते हुए न्यूज़ पोर्टल न्यूज़क्लिक के कार्यालय को सील कर दिया है।
  • न्यूज़ पोर्टल के खिलाफ एफआईआर में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) सख्त आतंकवाद विरोधी कानून लागू किया गया है।
  • न्यूज़क्लिक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर में मुख्य आरोप यह है कि न्यूज़पोर्टल को कथित तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के माध्यम से चीन से अवैध धन प्राप्त हुआ।
  • वर्ष 2021 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सबसे पहले न्‍यूजक्लिक को मिली अवैध फंडिंग को लेकर मुकदमा दर्ज किया था।
  • ये संदिग्ध फंडिंग चीनी कंपनियों के जरिये न्‍यूजक्लिक को प्राप्त हुई थी।
  • इसी के बाद ईडी ने मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू की थी।
  • न्‍यूज क्लिक को 2021 में हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी।

      यूएपीए(UAPA) कानून क्या है ?

      • मूल रूप से यूएपीए (UAPA) को वर्ष 1967 में लागू किया गया था।
      • देश में आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए 1967 में यूएपीए, 1987 में टाडा, 1999 में मकोका, 2002 में पोटा और 2003 में गुजकोका जैसे कानून लागू किए गए।
      • आतंकी गतिविधियों से जुड़े पोटा और टाडा जैसे कानून खत्म करने के बाद 2019 में केंद्र सरकार ने यूएपीए में कई बदलाव किए।
      • अगस्त 2019 में संसद ने कुछ आधारों पर व्यक्तियों को आतंकवादी के रूप में नामित करने के लिये UAPA (संशोधन) बिल 2019 को मंजूरी दी।
      • यूएपीए को मजबूती देने के लिए छह बार जरूरी बदलाव किए गए हैं एक संशोधन ऐसा भी किया गया है जिसके बाद सरकार किसी भी संगठन को आतंकी संगठन घोषित कर सकती है।
      • यूएपीए को संविधान के अनुच्छेद-19(1) के तहत दिए गए मौलिक अधिकार पर तर्कसंगत सीमाएं लगाने के लिए पेश किया गया था।
      • UAPA एवं अन्य आतंकवाद विरोधी कानूनों जैसे पोटा (आतंकवाद रोकथाम अधिनियम) और टाडा (आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम का अक्सर दुरुपयोग को लेकर चर्चा होती रही है।
      •  यूएपीए के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी संदिग्ध या आरोपी की संपत्ति जब्त और कुर्क कर सकती है। 
      • यूएपीए का उद्देश्य भारत की अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सरकार को ज्‍यादा अधिकार देना यूएपीए को विशेष हालात में लागू किया जा सकता है।
      • यूएपीए के तहत संदेह होने भर से ही पुलिस या जांच एजेंसी किसी भी व्‍यक्ति को आतंकवादी घोषित कर सकती है।
      • आरोपी कार्रवाई के खिलाफ सरकार की बनाई रिव्यू कमेटी के पास जा सकता है एवं बाद में कोर्ट में भी अपील की जा सकती है।

      प्रश्न:  निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए 

      1. यूएपीए (UAPA) को वर्ष 1967 में लागू किया गया था। 
      2. यूएपीए के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी संदिग्ध या आरोपी की संपत्ति जब्त और कुर्क  नहीं कर सकती है। 

      उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं ?

       (a) केवल 1  

      (b) केवल 2  

      (c) कथन 1 और 2 

      (d) न तो 1 ना ही 2 

      उत्तर: (a)

      मुख्य परीक्षा प्रश्न : यूएपीए (UAPA) क्या है ?क्या यूएपीए (UAPA) भारत के सुरक्षा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है? चर्चा कीजिए ।

                                                                                                                                                                                       स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस 

      « »
      • SUN
      • MON
      • TUE
      • WED
      • THU
      • FRI
      • SAT
      Have any Query?

      Our support team will be happy to assist you!

      OR