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आइसलैंड में ज्वालामुखीय गतिविधि

आइसलैंड के रेक्जाविक के दक्षिण में स्थित सुंध्नुक्सगिगर ज्वालामुखी (Sundhnuksgigar Volcano) में दिसंबर 2023 से पांचवीं बार विस्फोट हुआ है। इसकी सक्रियता बढ़ती जा रही है।

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आइसलैंड में ज्वालामुखीय गतिविधि

  • पृथ्वी पर ज्वालामुखीय रूप से सर्वाधिक सक्रिय क्षेत्रों में से एक आइसलैंड है, जहाँ प्राय: हर चार से पाँच वर्ष में एक विस्फोट होता है। 
  • हालाँकि, वर्ष 2021 से विस्फोटों की आवृत्ति बढ़कर लगभग एक वर्ष हो गई है। यह वृद्धि आइसलैंड के भूवैज्ञानिक परिदृश्य की गतिशील प्रकृति को उजागर करती है।

ज्वालामुखीय गतिविधि में वृद्धि के प्रमुख कारण 

  • आइसलैंड में ज्वालामुखीय गतिविधि में वृद्धि का कारण उत्तरी अटलांटिक महासागर में स्थित दुनिया की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला मिड-अटलांटिक रिज (मध्य- अटलांटिक कटक) पर इसकी अवस्थिति है।
  • यहाँ यूरेशियन एवं उत्तरी अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटें प्रतिवर्ष कुछ सेंटीमीटर की दर से दूर हो रही हैं। 
  • इसके अलावा आइसलैंड एक हॉटस्पॉट पर स्थित है, जो ज्वालामुखी गतिविधि को अधिक तीव्र बनाता है।
  • दक्षिण-पश्चिम आइसलैंड के रेक्जेनेस प्रायद्वीप पर स्थित फग्रादाल्सफजाल ज्वालामुखी इस क्षेत्र की ज्वालामुखी गतिविधि का एक अन्य उल्लेखनीय उदाहरण है।
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