New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

वारली जनजाति (Warli Tribe) 

प्रारम्भिक परीक्षा –वारली जनजाति
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 1

संदर्भ

मुंबई में वारली जनजाति के द्वारा अपनी भूमि पर शिवाजी संग्रहालय के निर्माण पर आपत्ति जताई गई है।

Warli-Tribe

वारली जनजाति (Warli Tribe):- 

  • यह भारत की आदिम जनजाति है जो महाराष्ट्र और गुजरात के पहाड़ी एवं समुद्र तटीय क्षेत्रों में निवास कराती है। 
  • वारली शब्द की उत्पत्ति वार्ला से हुई  है जिसका अर्थ है "भूमि का टुकड़ा" या "मैदान"।
  • वारली जनजाति की अपनी धार्मिक मान्यताएं, जीवन शैली, रीति रिवाज़ और परंपराएं हैं जो सामासिक हिंदू संस्कृति का ही हिस्सा हैं। 

वारली जनजाति की विशेषता :-

  • इनकी भाषा वारली  है जो मराठी की एक उपभाषा हैं। यह एक अलिखित भाषा  है जो भरतीय-आर्य भाषाओं में आती है। इस  भाषा को कोंकणी या भील के नाम से भी जाना जाता है।

चित्रकला :-

  • यह जनजाति अपनी खूबसूरत और अनोखी वारली पेंटिंग (Warli Painting) शैली के लिए प्रसिद्ध हैं जो मानव समुदाय और प्रकृति के बीच संबंध को दर्शाता है।

वारली पेंटिंग (Warli Painting):-

  • यह पेंटिंग लगभग 2500 वर्ष पुरानी है।यह पेंटिंग महाराष्ट्र के ठाणे और नासिक क्षेत्रों में की जाती है।

Warli-Painting

विशेषता :-

  • इस पेंटिंग में जनजातियों को प्रकृति एवं सामाजिक रीति-रिवाजों से निकटता को दर्शाया जाता है । 
  • इसके पेंटिंग के द्वारा जनजातियों की दैनिक गतिविधियों जैसे खेती, नृत्य, शिकार, प्रार्थना आदि को प्रदर्शित किया जाता है। 
  • इस पेंटिंग में महिलाएं फसल या शादी के उत्सव पर मिट्टी की दीवारों पर चावल के पेस्ट से डिजाइन बनाती हैं। 
  • इस पेंटिंग में दृश्यों को चित्रित करने के लिए लाल या पीली सतह पर सफेद रंग के सरल ज्यामितीय पैटर्न का उपयोग किया जाता है।

वस्त्र :- 

  • इस जनजाति की महिलाओं के द्वारा घुटनों तक पहनी गई साड़ी को लुग्डेन कहा जाता है।

tribe

  • इस जनजाति के द्वारा पहनी गई साड़ी का प्रभाव महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखा जाता है जो ड्रेपिंग शैली से मिलती - जुलती है।

त्यौहार :-

  • इस जनजाति के द्वारा तीन दिवसीय मुखौटा त्यौहार मनाया जाता है।इस त्यौहार में लोगों के द्वारा मुखौटा पहन कर प्रदर्शन किया जाता है।

नृत्य : -

  •  इस जनजाति के द्वारा विशेष अवसरों पर तारपा संगीत पर तारपा नृत्य प्रस्तुत किया जाता है।

नृत्य की विशेषता :-

tarpa-dance

  • इस नृत्य की विशेषता यह है कि एक व्यक्ति तारपा वाद्ययंत्र के साथ संगीत को बजाता है और बाकी लोग संगीतकार को केंद्र में रखकर एक घेरा बनाकर नृत्य करते हैं।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- वारली जनजाति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 

  1. गुजरात  
  2. राजस्थान 
  3. महाराष्ट्र 

उपर्युक्त में से कितने राज्यों में यह जनजाति पायी जाती है?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीन

(d) कोई भी नहीं 

उत्तर: (b)

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X