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जल शोधन प्रौद्योगिकियाँ

संदर्भ 

सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता एवं अच्छे स्वास्थ्य तक पहुंच 21वीं सदी की प्रमुख चुनौतियां हैं जिससे बढ़ती आबादी के साथ दुनिया की जल आवश्यकता को पूरा करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। एक अनुमान के अनुसार, दुनिया में 1.1 अरब से अधिक लोगों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित बेहतर स्वास्थ्य मानकों के अनुसार पेयजल नहीं मिलता है। 

पेयजल से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएँ

  • वैश्विक आबादी के 40% से अधिक लोगों को पर्याप्त स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं है। यूएन-वॉटर के अनुसार वर्ष 2025 तक लगभग 1.8 अरब लोग पूरी तरह से जल की कमी से पीड़ित होंगे।
  • जलाभाव कई क्षेत्रों के लिए एक बड़ा खतरा है। विकासशील देश जल की कमी, बाढ़ एवं जल की खराब गुणवत्ता से सर्वाधिक प्रभावित हैं। 
  • जल की ख़राब गुणवत्ता ने विकासशील देशों में मुख्य रूप से 80% स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पान की हैं। 

प्रमुख रोगजनक एवं बीमारियाँ 

  • विब्रियो कॉलेरी, साल्मोनेला टाइफी जैसे सूक्ष्मजीव क्रमशः हैजा व टाइफाइड का कारण बनते हैं। 
  • शिगेला कैम्पिलोबैक्टर प्रजाति, एंटरोटॉक्सिजेनिक ई. कोली, एंटरोहेमोरेजिक ई. कोली, यर्सिनिया प्रजाति, फ्रांसिसेला तुलारेंसिस जैसे बैक्टीरिया विभिन्न संक्रमण, दस्त, गैस्ट्राइटिस एवं बुखार का कारण बनते हैं। 
  • हेपेटाइटिस ए एवं हेपेटाइटिस ई वायरस, नॉरवॉक जैसे वायरस तथा एंटरोवायरस जैसे वायरस हेपेटाइटिस, उल्टी व दस्त का कारण बनते हैं। बहुत सी बीमारियाँ प्रोटोजोआ और शैवाल के कारण भी होती हैं।

जल प्रशोधन में सीएसएमसीआरआई द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियाँ

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-केंद्रीय नमक व समुद्री रसायन अनुसंधान संस्थान (CSIR-CSMCRI) ने अनेक जल शोधन प्रौद्योगिकियाँ विकसित की हैं।  

अल्ट्राफिल्ट्रेशन मेम्ब्रेन

  • नैनोमीटर पैमाने की सीमा में छिद्र आकार वाले अल्ट्राफिल्ट्रेशन मेम्ब्रेन बैक्टीरिया, बड़े आकार के वायरस, सिस्ट, प्रोटीन, एंजाइम, कोलाइड इत्यादि को अलग करने में सक्षम हैं और आर.ओ. मेम्ब्रेन की तुलना में इन्हें बहुत कम दाब पर संचालित किया जा सकता है। 
  • ये पेयजल के कीटाणुशोधन, प्रोटीन एवं एंजाइमों के शुद्धिकरण, औद्योगिक अपशिष्ट जल के प्रशोधन आदि के लिए उपयोगी हैं।

रिवर्स ऑस्मोसिस मेम्ब्रेन

  • CSIR-CSMCRI द्वारा अलवणीकरण, जल शोधन और कई अन्य अनुप्रयोगों के लिए मजबूत थिन फिल्म कंपोजिट (TFC) रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) मेम्ब्रेन विकसित की है। 
    • यह दूसरी पीढ़ी के आर.ओ. मेम्ब्रेन हैं। इनमें एक विस्तृत पी.एच. रेंज में स्थिरता, अधिक मेम्ब्रेन जीवनकाल, कम संघनन के कारण उत्पादकता में स्थिरता, निम्न ऑपरेटिंग दबाव पर उच्च उत्पादकता और लवण को अस्वीकृत करने की उच्च दक्षता होती है। 
  • इसका उपयोग करके उपयुक्त मॉड्यूल विकसित किए गए हैं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार जल के अलवणीकरण के लिए इन आर.ओ. इकाइयों का निर्माण किया गया है। 
    • इन इकाइयों का उपयोग खारे भूजल को पीने योग्य जल में बदलने के लिए भी किया जा रहा है।
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