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पंचायत स्तर पर मौसम पूर्वानुमान

(प्रारंभिक परीक्षा: योजना एवं कार्यक्रम)

चर्चा में क्यों 

हाल ही में सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर मौसम पूर्वानुमान पहल की शुरुआत की है। 

पहल के बारे में 

  • ग्राम पंचायत स्तरीय मौसम पूर्वानुमान पहल पंचायती राज मंत्रालय, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है।
  • उद्देश्य :  ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना और जमीनी स्तर पर आपदा तैयारी को बढ़ाना है जिससे देश भर के किसानों और ग्रामीणों को लाभ होगा। 
  • यह पहल ई-ग्रामस्वराज, मेरी पंचायत ऐप और ग्राम मंच के माध्यम से मौसम संबंधी अपडेट प्रदान करेगी।
  • उपयोगकर्ता ग्राम पंचायत स्तर पर वर्तमान तापमान, न्यूनतम और अधिकतम तापमान, वर्षा, हवा की गति, बादल आवरण और सापेक्ष आर्द्रता के आंकड़े देख सकते हैं। 
  • इसके माध्यम से पाँच दिवसीय पूर्वानुमान और समग्र मौसम पूर्वानुमान के बारे में भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

स्थानीय स्तर पर पूर्वानुमान की आवश्यकता 

  • मौसम पूर्वानुमान में महत्वपूर्ण प्रगति के बावजूद, पूर्वानुमान के विज्ञान में अनिश्चितताएँ अंतर्निहित हैं।  
  • सामान्यत: बड़े भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तृत बड़ी प्रणालियों जैसे- भारतीय मानसून, बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाला चक्रवात, कई राज्यों को कवर करने वाली हीटवेव आदि की भविष्यवाणी करना आसान होता है। 
  • लेकिन अचानक, स्थानीयकृत घटनाएँ जैसे बादल फटना आदि की भविष्यवाणी करना अधिक कठिन है।
  • स्थानीय मौसम पूर्वानुमान छोटे किसान समुदायों को भी अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी आर्थिक गतिविधियों की योजना बनाने में मदद कर सकते हैं। देश भर में 2.55 लाख ग्राम पंचायतें हैं। 

मौसम पूर्वानुमानों से लाभ 

  • इस पहल से जमीनी स्तर पर शासन मजबूत होगा और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा। 
  • इससे ग्रामीण आबादी जलवायु के प्रति अधिक लचीली बनेगी और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर ढंग से सुसज्जित होगी।        
  • इससे प्राप्त जानकारी किसानों को बुवाई, सिंचाई, कटाई आदि सहित विभिन्न कृषि गतिविधियों की बेहतर योजना बनाने में मदद करेगी।
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