- भारत में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से जुड़े लाखों खाताधारकों की एक बड़ी समस्या यह रही है कि नौकरी बदलने या जानकारी के अभाव में उनके पुराने EPF खाते निष्क्रिय (inoperative) हो जाते हैं।
- इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation (EPFO)) एक नया डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म E-PRAAPTI (EPF Aadhaar-Based Access Portal for Tracking Inoperative Accounts) लॉन्च करने जा रहा है।

ई-प्राप्ति(E-PRAAPTI )पोर्टल क्या है ?
- E-PRAAPTI एक आधार-आधारित डिजिटल पोर्टल है, जिसे EPFO ने विशेष रूप से निष्क्रिय (पुराने) EPF खातों को खोजने, ट्रैक करने और सक्रिय करने के लिए विकसित किया है।
- यह पोर्टल उन कर्मचारियों के लिए बेहद उपयोगी होगा, जिनके पास पुराने EPF खाते हैं लेकिन वे यू ए एन (UAN (Universal Account Number)) से लिंक नहीं हैं या जिनकी जानकारी अधूरी है।
E-PRAAPTI पोर्टल का मुख्य उद्देश्य
- पुराने EPF खातों की पहचान (Identification)
- निष्क्रिय खातों को खोजने में मदद करेगा
- खातों का ट्रैकिंग (Tracking)
- उपयोगकर्ता अपने पुराने खाते की स्थिति देख सकेंगे
- UAN से लिंक करना (UAN Linking)
- पुराने खाते को मौजूदा UAN से जोड़ना आसान होगा
- खाते को सक्रिय करना (Activation)
- निष्क्रिय खाते को फिर से सक्रिय किया जा सकेगा
- डिजिटल प्रोफाइल अपडेट
- सदस्य अपनी जानकारी (नाम, DOB, आदि) अपडेट कर सकेंगे
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) क्या है ?

- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है।
- इसका मुख्य कार्य संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि (Provident Fund), पेंशन और बीमा योजनाओं का प्रबंधन करना है।
- यह दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा संगठनों में से एक है।
EPFO की स्थापना
- अध्यादेश (Ordinance) : इसकी शुरुआत 15 नवंबर, 1951 को 'कर्मचारी भविष्य निधि अध्यादेश' के माध्यम से हुई थी।
- अधिनियम (Act) : बाद में इसे 'कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम, 1952' द्वारा बदल दिया गया।
- औपचारिक रूप से इस संगठन की स्थापना 4 मार्च, 1952 को हुई। 1 नवंबर को हर साल इसका स्थापना दिवस मनाया जाता है।
EPFO द्वारा संचालित मुख्य योजनाएं
EPFO मुख्य रूप से तीन योजनाओं का संचालन करता है :
- EPF योजना, 1952 : सेवानिवृत्ति के समय या नौकरी छोड़ने पर एकमुश्त राशि और ब्याज प्रदान करना।
- EPS योजना, 1995 (पेंशन) : 58 वर्ष की आयु के बाद कर्मचारियों और उनके परिवार को मासिक पेंशन देना।
- EDLI योजना, 1976 (बीमा) : सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को ₹7 लाख तक का जीवन बीमा कवर प्रदान करना।
यह कैसे काम करता है ?
- इसमें कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों हर महीने कर्मचारी के वेतन का एक निश्चित हिस्सा (आमतौर पर 12%) योगदान करते हैं।
- जमा राशि पर सरकार हर साल ब्याज देती है (जैसे 2026 के लिए यह 8.25% है)।
- यह पैसा कर्मचारी को रिटायरमेंट, बीमारी, शादी या घर खरीदने जैसी जरूरतों के समय काम आता है।