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विश्व भविष्य कौशल सूचकांक, 2025

चर्चा में क्यों

क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) ने विश्व भविष्य कौशल सूचकांक, 2025 जारी किया है।

विश्व भविष्य कौशल सूचकांक, 2025 के बारे में

  • संस्करण : प्रथम 
  • जारीकर्ता : लंदन स्थित क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) संस्था
  • उद्देश्य : अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की बढ़ती मांगों के अनुरूप देशों की तैयारी का मूल्यांकन करना
  • मूल्यांकन आधार के 4 प्रमुख मापक
    1. कौशल अनुकूलता (Skills Fit)
    2. अकादमिक तत्परता (Academic Readiness)
    3. भविष्य का काम (Future of Work)
    4. आर्थिक परिवर्तन (Economic Transformation)

सूचकांक के प्रमुख निष्कर्ष

  • भारत की स्थिति : इस सूचकांक में चारों मापकों के आधार पर भारत को 25वें स्थान पर रखा गया है।
  • भारत का दर्जा : भारत को ‘भविष्य के कौशल के प्रतियोगी’ (Future Skills Contender) के रूप में दर्जा दिया गया है।
    •  शीर्ष दस में शामिल अन्य देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया एवं कनाडा जैसे देशों को ‘भविष्य के कौशल के अग्रदूत’ (Future Skills Pioneers) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • भारत की अग्रणी स्थिति : ‘भविष्य के कार्य’ के पैमाने पर भारत को अमेरिका के बाद दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

  • डिजिटल रोजगार : मैक्सिको के साथ भारत को डिजिटल भूमिकाओं में नौकरी उपलब्ध कराने के लिए सर्वाधिक तैयार माना गया है।
  • सुधार की आवश्यकता : इस सूचकांक में भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली, उद्योग सहयोग एवं रोजगार बाजारों में सुधार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया है। 
    • स्नातकों को डिजिटल, ए.आई. और हरित कौशल से बेहतर ढंग से योग्य बनाने के महत्वपूर्ण अवसरों का उल्लेख किया गया है जिनकी मांग नियोक्ताओं द्वारा लगातार की जा रही है।

इसे भी जानिए!

हरित कौशल (Green Skills) : संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) के अनुसार, हरित कौशल वह ज्ञान, योग्यता, मूल्य एवं दृष्टिकोण हैं जो एक स्थायी व aaसंसाधन-कुशल समाज में रहने और उसे विकसित करने के लिए आवश्यक होते हैं।

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