New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 5th July 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 5th July 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

विश्व वन्यजीव अपराध रिपोर्ट, 2024

हाल ही में, विश्व वन्यजीव अपराध रिपोर्ट का तीसरा संस्करण जारी किया गया। इसमें जंगली जीवों एवं वनस्पतियों की संरक्षित प्रजातियों की अवैध तस्करी की हालिया प्रवृति का उल्लेख है। 

विश्व वन्यजीव अपराध रिपोर्ट संबंधी प्रमुख बिंदु           

  • यह रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर संबंधित अपराध के कारणों व प्रभावों के बारे में व्यापक अंतर्दृष्टि भी प्रदान करता है।
  • इस रिपोर्ट को प्रत्येक चार वर्ष में अंतर्राष्ट्रीय वन्यजीव अपराध प्रतिरोध कंसोर्टियम (ICCWC) के समर्थन से संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स एवं अपराध कार्यालय (UNODC) द्वारा जारी किया जाता है।

विश्व वन्यजीव अपराध रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष

  • प्रभावित प्रजातियां : वर्ष 2015-2021 के दौरान 162 देशों व क्षेत्रों में लगभग 4,000 पौधे एवं जानवर प्रजातियों को प्रभावित करने वाले अवैध व्यापार का दस्तावेजीकरण किया गया है।
    • इनमें से लगभग 3,250 प्रजातियाँ साइट्स (CITES) की परिशिष्ट में सूचीबद्ध हैं।
  • प्रभावित जानवर प्रजातियां : गैंडा एवं पैंगोलिन सर्वाधिक प्रभावित होने वाली पशु प्रजातियाँ रहीं। बाजारों में देखे गए अवैध वन्यजीव व्यापार में शामिल मुख्य जानवर हैं : 
    • कुल अवैध बाजार हिस्सेदारी में राइनो हॉर्न की हिस्सेदारी 29% के साथ सर्वाधिक है। 
    • पैंगोलिन स्केल्स 28% के साथ दूसरा और हाथी आइवरी 15% के साथ तीसरा सबसे बड़ा अवैध बाज़ार रहा। 
    • अन्य प्रभावित प्रजातियों में ईल, मगरमच्छ, तोते, कॉकटू, मांसाहारी जीव, कछुए, सांप, समुद्री घोड़े आदि शामिल हैं।
  • प्रभावित पादप प्राजातियां : देवदार एवं अन्य सैपिंडेल्स सर्वधिक प्रभावित पादप प्रजातियाँ रहीं। बाजारों में देखे गए अवैध वन्यजीव व्यापार में शामिल मुख्य पादप प्राजातियां हैं-
    • कुल अवैध बाजार हिस्सेदारी में देवदार एवं सैपिंडेल्स की हिस्सेदारी 47% के साथ सर्वाधिक है। 
    • रोज़वुड्स 35% के साथ दूसरे और एगरवुड तथा अन्य मायर्टेल्स 13% के साथ तीसरा सबसे बड़ा अवैध बाजार रहा। 
    • अन्य प्रभावित पादप प्रजातियों में गोल्डन चिकन फ़र्न, ऑर्किड एवं कई अन्य शामिल हैं।
  • सर्वाधिक जब्त किए गए प्रजाति समूह में शामिल हैं : मूंगा (16%) > मगरमच्छ (9%) > हाथी तथा बिवाल्व मोलस्क। 

वन्यजीव अपराध रोकथाम सुझाव

  • मजबूत सुसंगतता एवं सहयोग : व्यापार शृंखला में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं संरेखण पर जोर देने की आवश्यकता
  • आंकड़ों पर बल : जंगली जीवों एवं वनस्पतियों की संरक्षित प्रजातियों की अवैध तस्करी से संबंधित आंकड़ों को वैश्विक सहयोग के माध्यम से जुटाया जाना और उसका उचित मूल्यांकन करने की जरूरत। 
  • निवेश में वृद्धि : डाटा एवं विश्लेषणात्मक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के तकनीकों की आवश्यकता होती है जिसके लिए निवेश बढ़ाने की आवश्यकता है।
  • भ्रष्टाचार से निपटने के प्रयास : भ्रष्टाचार से निपटने की व्यवस्था के साथ-साथ आपराधिक न्याय प्रतिक्रियाओं को आधुनिक बनाया जाना अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
  • रणनीतिक हस्तक्षेप : वन्यजीव तस्करी को कम करने के लिए प्राथमिकता वाले नीति-निर्माण एवं रणनीतिक उपायों की आवश्यकता है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR