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ग्रेट निकोबार परियोजना 

प्रारम्भिक परीक्षा: निकोबार परियोजना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र:3 - बुनियादी ढाँचा, पर्यावरण प्रभाव का आकलन

सुर्खियों में क्यों ?

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा सितंबर 2020 में शुरू की गई मेगा-इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना के निर्माण को लेकर पर्यावरणीय चिंता प्रकट की जा रही है।

प्रमुख बिन्दु 

  • जनवरी 2023 में संवैधानिक आचरण समूह जिसमें लगभग 100 पूर्व प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे , ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस परियोजना पर रोक लगाने की मांग की थी । 
  • परियोजना का संचालन - नीति आयोग 
  • नोडल एजेंसी  - अंडमान और निकोबार द्वीप समूह एकीकृत विकास निगम (ANIIDCO)
  • इस परियोजना पर होने वाला अनुमानित व्यय लगभग 72,000 करोड़ रुपए है।

निकोबार परियोजना

उद्देश्य 

  • ग्रेटर निकोबार के समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
  • इस परियोजना में एक अंतर्राष्ट्रीय कंटेनर ट्रांस-शिपमेंट टर्मिनल, एक ग्रीनफील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, एक बिजली संयंत्र  तथा एक टाउनशिप कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है। 
  • इसके अलावा, उष्णकटिबंधीय वर्षावनों में एक लाख पेड़ों को काटकर बहुराष्ट्रीय निगमों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।

NICOBAR     

  • इस योजना के अंतर्गत, बायोस्फीयर रिजर्व की सीमाओं के भीतर कुल 244 वर्ग किमी हरे-भरे जंगल और तटीय क्षेत्रों का उपयोग शामिल है।
  • परियोजना क्षेत्र गैलाथिया बे नेशनल पार्क और कैंपबेल बे नेशनल पार्क के 10 किमी के दायरे में आता है।
    • हालांकि, यह राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास अधिसूचित पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र के बाहर स्थित है।
  • नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ (NBWL) की स्थायी समिति ने,  बंदरगाह और अन्य संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए पूरे गैलाथिया बे वन्यजीव अभयारण्य को गैर-अधिसूचित कर दिया।

निकोबार परियोजना से जुड़ी चिंताएं

  • इस परियोजना के लिए प्राचीन वर्षावनों में लाखों  पेड़ काटे जाएंगे तथा लगभग 12 से 20 हेक्टेयर मैंग्रोव कवर का विनाश होगा।
  • लगभग 10 हेक्टेयर प्रवाल आवरण प्रभावित हो सकते हैं।
  • स्थानीय  शोम्पेन और निकोबारी जनजाति के मूल निवासी प्रभावित होंगे।
  • लेदरबैक समुद्री कछुए, निकोबार मेगापोड(निकोबार द्वीपसमूह का एक उड़ान रहित पक्षी), निकोबार मकाक और खारे पानी के मगरमच्छ जैसे कुछ दुर्लभ जीव भी इस परियोजना से प्रभावित होंगे।

निकोबार परियोजना का महत्त्व 

  • योजना में बुनियादी ढांचे (बंदरगाह, हवाई अड्डे, आदि) का निर्माण शामिल है, इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
  • इससे क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं पैदा करने में मदद मिलेगी, जिससे आय सृजन में वृद्धि होगी। 
  • विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास से, अंतर-द्वीप कनेक्टिविटी में सुधार करने में मदद मिलेगी। 
  • यह स्वास्थ्य सेवा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, और पर्याप्त वायु, समुद्र और वेब बुनियादी ढांचे के लिए सस्ती अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण करेगा।
  • निकोबार द्वीप, मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है, यह क्षेत्र में भू-राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण की मांग करता है।
  • इस द्वीप में, भारत की एकमात्र त्रि-सेवा कमान (अंडमान एवं निकोबार कमान) भी स्थित है।

सुरक्षात्मक उपाय

  • पर्यावरण समिति ने अधिकारियों को जंगल और समुद्र के किनारे को जोड़ने वाले आठ स्थानों पर वन्यजीव गलियारे बनाने का निर्देश दिया है।
  • स्वदेशी समुदायों पर प्रभाव की संभावना की निगरानी के लिए शीर्ष स्तर की सुविधाओं के साथ एक विशेष इकाई स्थापित की जाएगी।
  • पेड़ों के भीतर रहने वाली प्रजातियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेड़ों की कटाई चरणबद्ध तरीके से की जानी चाहिए।
  • परियोजना से उत्पन्न कचरे का या तो पुनर्नवीनीकरण और पुन: उपयोग किया जाना चाहिए, या सुरक्षित निपटान के लिए ग्रेट निकोबार द्वीप समूह से मुख्य भूमि तक सावधानी से ले जाया जाना चाहिए।

संबंधित प्रश्न - निकोबार परियोजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें;

  1. इस परियोजना के अंतर्गत उष्णकटिबंधीय वर्षावनों में एक लाख पेड़ों को लगाया जाएगा जिससे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का समग्रता से पर्यावरणीय विकास हो सके । 
  2. इस परियोजना का संचालनकर्ता नीति आयोग तथा नोडल एजेंसी पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) है । 

 ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

[A] केवल 1

[B] केवल 2

[C] 1 और 2 दोनों

[D] न तो 1 और न ही 2

उत्तर : D

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