• Sanskriti IAS - अखिल मूर्ति के निर्देशन में

 क्वाड (चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता) 

  • 30th September, 2022

(प्रारंभिक परीक्षा के लिये – क्वाड, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र)
(मुख्य परीक्षा के लिये : सामान्य अध्धयन प्रश्नपत्र 2 - द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार)

सन्दर्भ 

क्वाड (चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता) ने अपने विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) को संचालित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किये।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • इस साझेदारी की घोषणा 2022 में एक समावेशी और लचीले, स्वतंत्र एवं खुले इंडो-पैसिफिक के लिए एक साझा दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में टोक्यो में क्वाड नेताओं द्वारा की गई थी।
  • यह समझौता इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुभेद्यताओं के प्रति तत्काल प्रतिक्रिया करने के लिए बनाया गया है। 
  • यह साझेदारी क्वाड सदस्यों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग के एक समर्पित ढांचे के रूप में कार्य करेगी, तथा एचएडीआर के संचालन के लिए उनकी क्षमता और दक्षता तथा अंतरसंचालनीयता और परिचालन तालमेल को बढ़ाएगा।
  • यह साझेदारी, जहां उपयुक्त हो और मानवता के सर्वोत्तम हित में हो, वहां संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और दानदाताओं, क्षेत्रीय और स्थानीय सरकारों, सार्वजनिक और निजी संगठनों, तथा गैर-सरकारी संगठनों के साथ एचएडीआर संचालन का समन्वय करेगी।
  • इस साझेदारी के तहत क्वाड साझेदार समन्वय में कार्य कर सकते हैं, लेकिन इससे पहले अंतर्राष्ट्रीय सहायता के लिए अनुरोध की आवश्यकता होती है। क्वाड साझेदार आपदा की तैयारी या अलर्ट, संकट में प्रतिक्रिया या आपदा प्रतिक्रिया के बाद समीक्षा के चरणों में संयुक्त या समन्वित व्यक्तिगत सहायता प्रदान कर सकते हैं।
  • कोई भी मानवीय कार्रवाई प्रभावित राज्य की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय एकता के सम्मान में ही की जाएगी।
  • इस समझौते के तहत, क्वाड पार्टनर लैंगिक समानता और महिलाओं एवं लड़कियों के सशक्तिकरण को आगे बढ़ाकर समावेशीकरण को बढ़ावा देंगे। 
  • यह समझौता यह  सुनिश्चित करेगा कि दिव्यांग व्यक्ति मानवीय कार्रवाई के एजेंट और लाभार्थी हैं, और स्वदेशी लोग, अल्पसंख्यक समूह और कमजोर परिस्थितियों वाले व्यक्ति लाभ पाने में पीछे ना रहें।

क्वाड 

  • यह भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच अनौपचारिक रणनीतिक वार्ता मंच है।
  •  इसकी उत्पत्ति 2004 के तदर्थ सुनामी कोर ग्रुप से हुई थी, जिसने इस क्षेत्र के कई देशों को तबाह करने वाली सुनामी के बाद आपदा राहत कार्यों में सहयोग किया था। 
  • क्वाड की अवधारणा औपचारिक रूप से सबसे पहले वर्ष 2007 में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे द्वारा प्रस्तुत की गई थी।
  • क्वाड का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता, अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन तथा शांति व सुरक्षा पर बल प्रदान करना है।
  • क्वाड नेताओं की पहली व्यक्तिगत शिखर बैठक 2021 में वाशिंगटन, संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई थी।

आगे की राह 

  • सभी क्वाड सदस्यों ने चीनी कंपनियों पर, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए या अपने घरेलू मुद्दों में उनके हस्तक्षेप के डर से उनकी 5जी तकनीक का परीक्षण करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारत में कई कंपनियाँ पहले से ही अपनी 5जी तकनीक विकसित करने के लिए अग्रिम चरण में हैं। भारत इस स्थिति का अपने पक्ष में फायदा उठा सकता है। 
  • भारत इस महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच का उपयोग अपनी व्यापार वार्ता में तेजी लाने और सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ अपने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कर सकता है।
  • क्वाड के साथ अपने जुड़ाव से भारत लाभान्वित हो सकता है। यह न केवल भारत-प्रशांत क्षेत्र में अपने रणनीतिक और राजनयिक महत्व का विस्तार करेगा बल्कि भारी आर्थिक लाभ भी अर्जित करेगा। ऐसा होने के लिए प्रतिभागियों के बीच घनिष्ठ और निरंतर समन्वय की आवश्यकता है।
  • सीमा पर चीन द्वारा की गयी आक्रामक कार्यवाही का मुकाबला करने के लिए भी भारत अन्य क्वाड राष्ट्रों का समर्थन ले सकता है।
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