• Sanskriti IAS - अखिल मूर्ति के निर्देशन में

शॉर्ट न्यूज़

शॉर्ट न्यूज़: 14 जून, 2022


अतिरिक्त गुणसूत्र वाले पुरुष

पर्यावरण आधारित जीवन शैली- ‘लाइफ मूवमेंट’

सतत पर्यटन और जिम्मेदार यात्री अभियान के लिये राष्ट्रीय रणनीति


अतिरिक्त गुणसूत्र वाले पुरुष

चर्चा में क्यों

कैम्ब्रिज और एक्सेटर विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं के अनुसार, 500 पुरुषों में से लगभग 1 पुरुष में एक अतिरिक्त X या Y गुणसूत्र पाया जा सकता है। इससे संबंधित अध्ययन ‘जेनेटिक्स इन मेडिसिन’ में प्रकाशित किया गया है।

प्रभाव 

  • इन अतिरिक्त गुणसूत्रों से पुरुषों में टाइप 2 मधुमेह, एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) और थ्रोमबोसिस (Thrombosis) जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।
  • विदित है कि लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) मनुष्यों के जैविक लिंग का निर्धारण करते हैं। पुरुषों में सामान्यत: XY गुणसूत्र पाए जाते हैं, जबकि महिलाओं में XX गुणसूत्र पाए जाते हैं। हालाँकि, इस अध्ययन में कुछ पुरुषों में XXY या XYY गुणसूत्र पाए गए हैं।
  • उल्लेखनीय है कि XXY या XYY गुणसूत्र वाले बहुत ही कम पुरुषों के मेडिकल रिकॉर्ड में असामान्य लिंग गुणसूत्र की जानकारी (Diagnosis) थी।   

अध्ययन के निष्कर्ष

  • शोधकर्ताओं ने पाया कि XXY गुणसूत्र वाले पुरुषों में प्रजनन संबंधी समस्याओं की संभावना बहुत अधिक होती है। इससे यौवनारंभ में देरी (Delayed Puberty) का जोखिम तीन गुना अधिक और निःसंतान होने का जोखिम चार गुना अधिक होता है। इन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की रक्त सांद्रता भी अत्यधिक कम पाई गई।
  • हालाँकि, XYY वाले पुरुषों में प्रजनन तंत्र की स्थिति सामान्य पाई गई। साथ ही, XXY या XYY गुणसूत्र वाले पुरुषों में कई अन्य स्वास्थ्य जोखिमों की भी संभावना अधिक होती है। 
  • ऐसे पुरुषों में टाइप 2 मधुमेह होने की संभावना तीन गुना अधिक, वेनस थ्रोमबोसिस (Venous Thrombosis) के विकसित होने की संभावना छह गुना अधिक, फुफ्फुसीय अन्त:शल्यता (Pulmonary Embolism) की संभावना तीन गुना अधिक और दीर्घकालिक प्रतिरोधी फुफ्फुसीय रोग (Chronic Obstructive Pulmonary Disease : COPD) से पीड़ित होने की संभावना चार गुना अधिक होती है।

पर्यावरण आधारित जीवन शैली- ‘लाइफ मूवमेंट’

चर्चा में क्यों

हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वैश्विक पहल 'पर्यावरण आधारित जीवन शैली (Lifestyle for the Environment : LiFE) - लाइफ मूवमेंट' की शुरुआत की है।

प्रमुख बिंदु

  • इस अभियान का उद्देश्य विश्व भर के व्यक्तियों, समुदायों और संगठनों को पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली अपनाने के लिये प्रेरित करना है।
  • यह अभियान एक ऐसी जीवन शैली को प्रेरित करता है जो हमारे ग्रह के अनुरूप हो और इसे नुकसान न पहुँचाए। ऐसी जीवन शैली जीने वालों को प्रो-प्लैनेट पीपल कहा जाता है।
  • ध्यातव्य है कि गत वर्ष ग्लासगो में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (कॉप-26) के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने ‘लाइफ मूवमेंट’ का विचार प्रस्तुत किया था। 
  • यह पहल पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली को बढ़ावा देता है जो पर्यावरण के नासमझ और विनाशकारी दोहन के बजाय सावधानीपूर्वक और समझदारी से उपयोग पर केंद्रित है।

सतत पर्यटन और जिम्मेदार यात्री अभियान के लिये राष्ट्रीय रणनीति

चर्चा में क्यों

हाल ही में, पर्यटन मंत्रालय द्वारा सतत पर्यटन और जिम्मेदार यात्री अभियान के लिये राष्ट्रीय रणनीति (National Strategy for Sustainable Tourism and Responsible Traveller Campaign) का शुभारंभ किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • इस अभियान का शुभारंभ पर्यटन मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) एवं रिस्पॉन्सिबिल टूरिज्म सोसायटी ऑफ इंडिया (RTSOI) की साझेदारी में नई दिल्ली में आयोजित सतत् और जिम्मेदार पर्यटक स्थलों के विकास पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान किया।
  • इस अभियान के अंतर्गत पर्यावरण स्थायित्व को प्रोत्साहन, जैव विविधता को संरक्षण, आर्थिक स्थायित्व को प्रोत्साहन, सामाजिक-सांस्कृतिक स्थायित्व को प्रोत्साहन, सतत पर्यटन एवं क्षमता विकास आदि रणनीतिक स्तंभों की पहचान की गई है।
  • उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई स्वदेश दर्शन योजना में अभी तक 76 परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है। वर्तमान में इस योजना के दूसरे चरण स्वदेश दर्शन 2.0 को लागू किया गया है।
  • स्वदेश दर्शन 2.0 के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं और पहलों में सतत और जिम्मेदार पर्यटन प्रक्रियाओं को लागू किया जाएगा। यह योजना पर्यावरण, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक स्थिरता सहित सतत पर्यटन के सिद्धांतों को अपनाने को प्रोत्साहित करेगी।

CONNECT WITH US!

X