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शॉर्ट न्यूज़

शॉर्ट न्यूज़: 17 अक्टूबर, 2022


विभिन्न राज्यों में लॉजिस्टिक्स सहजता पर रिपोर्ट- 2022

नेक्स्ट-जेन लॉन्च व्हीकल 

टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग

वैश्विक भुखमरी सूचकांक-2022 


विभिन्न राज्यों में लॉजिस्टिक्स सहजता पर रिपोर्ट- 2022

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने ‘विभिन्न राज्यों में लॉजिस्टिक्स सहजता पर रिपोर्ट-2022’ (Logistics Ease Across Different States- LEADS) को जारी किया है। 

प्रमुख बिंदु  

  • यह मंत्रालय द्वारा जारी की गई चौथी रिपोर्ट है। विदित है कि पहली लॉजिस्टिक रिपोर्ट वर्ष 2018 में जारी की गई थी।
  • पिछले तीनों रिपोर्टों वर्ष 2018, वर्ष 2019 और वर्ष 2021 में गुजरात ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। लेकिन इस वर्ष मंत्रालय ने रैंकिंग के बजाय प्रदर्शन के आधार पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को विभिन्न श्रेणियों में रखा है।
  • इस रिपोर्ट में राज्यों को चार श्रेणियों के तहत वर्गीकृत किया गया है- तटीय राज्य, भीतरी इलाकों/भूमि से घिरे राज्य, उत्तर-पूर्वी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश।
  • रिपोर्ट में उल्लेखित तीन प्रदर्शन श्रेणियां-

क्रम संख्या

प्रदर्शन श्रेणियां 

लक्ष्य प्राप्ति के आधार पर 

1.

अचीवर्स

90% या अधिक प्रतिशत तक लक्ष्य प्राप्त करने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

2.

फास्ट मूवर्स

80% से 90% के बीच लक्ष्य प्राप्त करने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

3.

एस्पायरर्स

80% से कम लक्ष्य प्राप्त करने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

प्रदर्शन श्रेणियों में शामिल राज्य 

  • इस रिपोर्ट में 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘अचीवर्स’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश आदि शामिल है।  
  • केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पुडुचेरी, सिक्किम और त्रिपुरा को ‘फास्ट मूवर्स’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है। 
  • एस्पायरर्स या आकांक्षी श्रेणी के अंतर्गत बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, लद्दाख, नागालैंड, जम्मू एवं कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को रखा गया हैं।

क्या है लीड्स रिपोर्ट

  • यह रिपोर्ट सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रसद बुनियादी ढांचे, सेवाओं और मानव संसाधनों का आकलन करने के लिये एक स्वदेशी डाटा-संचालित सूचकांक है।
  • यह सूचकांक निर्यात और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिये आवश्यक लॉजिस्टिक्स सेवाओं की दक्षता का संकेतक है। 
  • यह रिपोर्ट राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में रसद प्रदर्शन में सुधार पर ध्यान केंद्रित करती है जो देश के व्यापार में सुधार और लेनदेन लागत को कम करने के लिये आवश्यक है।

नेक्स्ट-जेन लॉन्च व्हीकल 

चर्चा में क्यों

हाल ही में, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा एक नेक्स्ट-जेन लॉन्च व्हीकल (NGLV) विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) जैसी प्रणालियों का स्थान लेगा।

प्रमुख बिंदु

  • नेक्स्ट-जेन लॉन्च व्हीकल एक तीन चरणों वाला यान है, जो लागत-कुशल एवं पुन: प्रयोज्य भारी-लिफ्ट व्हीकल होगा। यह जियोस्टेशनरी ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में 10 टन की पेलोड क्षमता के साथ स्थापित किया जाएगा।
  • इसमें बूस्टर चरण के लिये सेमी-क्रायोजेनिक प्रणोदन का प्रयोग होगा जो सस्ता एवं कुशल है।
  • इस यान का संभावित उपयोग संचार उपग्रहों, डीप अंतरिक्ष मिशन, भविष्य के मानव अंतरिक्षयानों और कार्गो मिशनों को लॉन्च करने में होगा।

टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग

चर्चा में क्यों

हाल ही में जारी टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) की नवीनतम रैंकिंग में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (यूनाइटेड किंगडम) को लगातार 7वीं बार शीर्ष स्थान पर रखा गया है।

प्रमुख बिंदु

  • इस रैंकिंग में दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमशः हार्वर्ड विश्वविद्यालय (यू.एस.ए.) और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (यू.के.) हैं।
  • इस रैंकिंग में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु ने भारतीय संस्थानों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।  इसे 251-300 रैंकिंग श्रेणी में रखा गया है।
  • भारतीय संस्थानों में दूसरा स्थान एक निजी विश्वविद्यालय जे.एस.एस. एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (मैसूर, कर्नाटक) ने प्राप्त किया है, जिसे 351-400 रैंकिंग श्रेणी में रखा गया।
  • 351-400 की श्रेणी में ही हिमाचल प्रदेश के एक अन्य निजी विश्वविद्यालय शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंसेज को रखा गया है।

वैश्विक भुखमरी सूचकांक-2022 

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, वेल्थ हंगर हिल्फे और कंसर्न वर्ल्डवाइड ने संयुक्त रूप से ‘वैश्विक भुखमरी सूचकांक (GHI)-2022’ जारी किया। उल्लेखनीय है कि कंसर्न वर्ल्डवाइड और वेल्ट हंगर हिल्फे क्रमशः आयरलैंड एवं जर्मनी के गैर-सरकारी संगठन हैं।

भारत की स्थिति

  • वैश्विक भुखमरी सूचकांक-2022 में शामिल 121 देशों में भारत को 107वीं रैंकिंग प्रदान की गई है तथा भारत का स्कोर 29.1 है जो ‘गंभीर’ श्रेणी के अंतर्गत आता है।
  • उल्लेखनीय है वर्ष 2021 में 116 देशों में भारत की रैंकिंग 101वीं थी जबकि वर्ष 2020 में वह 94वें स्थान पर था।
  • दक्षिण एशियाई देशों में भारत की रैंकिंग केवल अफगानिस्तान (109) से बेहतर है। अन्य पड़ोसी देशों- श्रीलंका (64), नेपाल (81), बांग्लादेश (84) और पाकिस्तान (99) की रैंकिंग भारत से बेहतर है।

वर्गीकरण

  • देशों को उनके स्कोर के आधार पर पाँच श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें ‘निम्न’, ‘मध्यम’, ‘गंभीर’, ‘खतरनाक’ और ‘बेहद खतरनाक’ शामिल हैं।
  • जी.एच.आई. स्कोर की गणना चार संकेतकों के आधार पर 100 अंकीय पैमाने पर की जाती है, जहाँ शून्य सबसे अच्छा स्कोर/रैंक (कोई भूखा नहीं) और 100 सबसे खराब स्कोर/रैंक को प्रदर्शित करता है।

वैश्विक स्थिति

  • 5 से कम अंकीय पैमाने वाले समूह में संयुक्त रूप से 17 देश शामिल हैं। इनको अलग-अलग रैंक नही बल्कि 1 से 17 के बीच स्थान प्रदान किया गया है। इनमें मुख्यत: बेलारूस, बोस्निया हर्ज़ेगोविना, चिली, चीन, कुवैत, तुर्की और उरुग्वे शामिल हैं।
  • कोस्टारिका व संयुक्त अरब अमीरात को संयुक्त रूप से 18वीं रैंक प्रदान की गई है और ब्राज़ील को 20वीं रैंक प्रदान की गई है। 
    • यमन इस सूचकांक में अंतिम स्थान पर है।
  • वर्ष 2022 में विश्व का संयुक्त स्कोर 18.2 है, जो ‘मध्यम’ श्रेणी के अंतर्गत आता है तथा यह वर्ष 2014 (19.1) की तुलना में सुधार को दर्शाता है। 

शामिल संकेतक

  • जी.एच.आई. स्कोर चार घटक संकेतकों पर आधारित होता हैं-
    • अल्प पोषाहार (Undernourishment)- जनसंख्या के अनुपात में भोजन की अपर्याप्त उपलब्धता।
    • चाइल्ड स्टंटिंग (Child Stunting)- 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में आयु के अनुपात में लंबाई में कमी।
    • चाइल्ड वेस्टिंग (Child Wasting)- 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में लंबाई के अनुपात में कम वजन।
    • बाल मृत्यु दर (Child mortality)- 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर।

संकेतकों में भारत की स्थिति

  • देश में अल्पपोषाहार की दर वर्ष 2018-2020 में 14.6% से बढ़कर वर्ष 2019-2021 में 16.3% हो गई।
  • भारत में चाइल्ड वेस्टिंग की दर 19.3% है जो वर्ष 2014 (15.1%) और वर्ष 2000 (17.15) के स्तरों से भी बदतर है और दुनिया में सबसे ख़राब है।
  • भारत में चाइल्ड स्टंटिंग में सुधार देखा गया है। यह वर्ष 2014 में 38.7% थी, जो घटकर वर्ष 2022 में 35.5% हो गई। साथ ही, बाल मृत्यु दर इस अवधि में 4.6% से गिरकर 3.3% हो गई है।

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