(प्रारंभिक परीक्षा: अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ, सामान्य विज्ञान) (मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव, बायो-टैक्नोलॉजी) |
संदर्भ
गर्भावस्था के दौरान दवाओं के उपयोग को लेकर चिंताएँ स्वाभाविक हैं। हाल के वर्षों में यह आशंका जताई जाती रही है कि गर्भावस्था में पैरासिटामॉल के सेवन से बच्चों में ऑटिज़्म का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, दुनिया भर के अध्ययनों की एक व्यापक एवं गहन समीक्षा ने इस धारणा को सिरे से खारिज कर दिया है।
द लैंसेट की समीक्षा
- हाल ही में द लैंसेट ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी एंड वूमेन्स हेल्थ में प्रकाशित इस समीक्षा में स्पष्ट कहा गया है कि गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामॉल के उपयोग और बच्चों में ऑटिज़्म के बीच कोई प्रत्यक्ष या चिकित्सकीय रूप से महत्वपूर्ण संबंध नहीं पाया गया।
- इसके विपरीत चेतावनी दी गई है कि यदि गर्भवती महिलाएँ डर या भ्रम के कारण पैरासिटामॉल का उचित उपयोग नहीं करतीं हैं, तो इससे मां एवं शिशु दोनों को वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
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पैरासिटामॉल (एसिटामिनोफेन)
- पैरासिटामॉल बुखार एवं शरीर दर्द की दवा है। यह शरीर के दर्द एवं पीड़ा को दूर करने में मदद करता है। इस दवा का उपयोग उच्च तापमान को कम करने और फ्लू व सर्दी के उपचार के लिए भी किया जाता है।
- पैरासिटामॉल अपेक्षाकृत सुरक्षित है। हालाँकि, कुछ लोगों को सावधानी बरतने की ज़रूरत है-
- जिन लोगों को किडनी की समस्या हों
- पैरासिटामॉल से एलर्जी हों
- मिर्गी और तपेदिक की दवा ले रहे हों
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क्या है ऑटिज्म
- ऑटिज्म एक विकासात्मक विकार है जो सामाजिक व संचार कौशल के संबंध में मस्तिष्क के सामान्य विकास को प्रभावित करता है और जीवन के पहले तीन वर्षों में प्रकट होता है।
- यह एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति (तंत्रिका तंत्र से संबंधित) है जहाँ मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं और उनके बीच के कनेक्शन में कुछ परिवर्तन कुछ व्यवहार संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं।
ऑटिज़्म के कारण
- अलग-अलग रिसर्च में पता चला है कि यह समस्या कुछ जेनेटिक और पर्यावरणीय कारणों पर निर्भर करती है। इसके तीन संभावित कारण होते हैं-
- मस्तिष्क के विकास को नियंत्रित करने वाले जीन में गड़बड़ी
- सेल्स (कोशिकाएँ) और मस्तिष्क के बीच सम्पर्क बनाने वाले जीन में समस्या
- गर्भावस्था में वायरल इंफेक्शन या हवा में फैले प्रदूषण के कण के संपर्क में आना
- ऑटिज्म का सर्वाधिक खतरा
- जिन दंपति का पहला बच्चा ऑटिज्म का शिकार हो गया हो, उनका दूसरा बच्चा भी इस स्थिति का शिकार हो सकता है।
- प्रीमैच्योर बच्चे या समय पूर्व बच्चे का जन्म।
- जन्म के समय वजन कम होना।
- लंबी आयु के बाद माता-पिता बनना।
- जेनेटिक/क्रोमोसोमल कंडीशन, जैसे- ट्यूबरस स्क्लेरोसिस (Tuberous Sclerosis) या फ्रेजाइल एक्स सिंड्रोम
- गर्भावस्था के दौरान खाने वाली दवाओं का साइड इफेक्ट
ऑटिज़्म के लक्षण
- सामाजिक संचार में कठिनाइयाँ: ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को सामाजिक बातचीत करने में कठिनाई हो सकती है जिसमें आँख से संपर्क स्थापित करना, चेहरे के उचित भावों का उपयोग करना और संकेतों को समझना शामिल है।
- दोहरावपूर्ण व्यवहार और सीमित रुचियां: ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे एक ही व्यवहार को बार-बार दोहराने में संलग्न हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, आगे-पीछे हिलना या किसी खास क्रम में वस्तुओं को पंक्तिबद्ध करना।
- संवेदी संबंधी समस्याएँ: ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों में संवेदी इनपुट के प्रति असामान्य प्रतिक्रियाएँ हो सकती हैं, जैसे कि ध्वनियों, संरचना या गंध के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होना या दर्द या परेशानी के प्रति उच्च सहनशीलता होना।
- संचार संबंधी चुनौतियाँ: ऑटिस्टिक बच्चों को मौखिक और अशाब्दिक संचार में कठिनाई महसूस हो सकती है जिसमें भाषा का विकास देर से होना, वार्तालाप शुरू करने या बनाए रखने में कठिनाई और शब्दों या वाक्यांशों को दोहराने की प्रवृत्ति (एकोलेलिया) शामिल है।
- सामाजिक संपर्क में चुनौतियाँ: ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को सामाजिक या किसी समूह में बातचीत बनाए रखने या गति से समझने में कठिनाई हो सकती है जिसमें दोस्त बनाना, आम सामाजिक संकेतों को समझने में परेशानी और अकेले खेलने की प्रवृत्ति शामिल है।
ऑटिज्म का निदान
- नैदानिक प्रक्रिया में प्राय: साक्षात्कार, अवलोकन एवं जाँचों का संयोजन होता है।
- बाल रोग विशेषज्ञ या विकास मनोवैज्ञानिक, बच्चे के विकास के इतिहास एवं वर्तमान लक्षणों के बारे में संपूर्ण जानकारी इकट्ठा करके प्रक्रिया शुरू करते हैं।
- इसमें माता-पिता, अभिभावकों व शिक्षकों से बातचीत करना और मेडिकल रिकॉर्ड तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों का पूरा अध्ययन शामिल होता है।
- बच्चों के विकास संज्ञानात्मक क्षमताओं और समन्वय कार्यक्षमता का मूल्यांकन करने के लिए अतिरिक्त जाँचों की ज़रूरत हो सकती है। इसमें बच्चे के बातचीत कौशल, मोटर कार्यों और दैनिक गतिविधियों जैसे कपड़े पहनने तथा स्वयं को खिलाने में कुल योग्यता का गहन आकलन शामिल होता है।
- ऐसी योजना में बहुआयामी उपचार की एक श्रृंखला शामिल होती है जिसमें व्यवहारिक चिकित्सा, स्पीच थेरेपी एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपी शामिल हैं।
- कुछ मामलों में चिंता या अति सक्रियता जैसे विशिष्ट लक्षणों के लिए दवाएँ भी दी जा सकती हैं।
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क्या आप जानते हैं?
अमेरिका एवं जापान में पैरासिटामॉल को एसिटामिनोफेन (ब्रांड नाम टाइलेनॉल) कहते हैं जबकि दुनिया के अधिकतर हिस्सों में इसे पैरासिटामोल (ब्रांड नाम पैनाडोल) कहा जाता है और ये सभी एक ही दवा के जेनेरिक व ब्रांड नाम हैं। पैरासिटामोल (Paracetamol) यूरोप, भारत एवं दुनिया के अधिकांश हिस्सों में स्वीकृत जेनेरिक नाम है और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है।
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