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शॉर्ट न्यूज़

शॉर्ट न्यूज़: 2 दिसंबर, 2020


वैकल्पिक परिचालन आधार (Alternative Operating Base: AOB)

ब्रिक्स मीडिया फोरम

भारत में ‘तकनीकी मंदी’

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व

विश्व एड्स दिवस – 2020

भारत-वियतनाम वार्ता


वैकल्पिक परिचालन आधार (Alternative Operating Base: AOB)

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, आंध्र प्रदेश सरकार ने औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना के वैकल्पिक परिचालन आधार (AOB) की स्थापना के लिये विशाखापत्तनम ज़िले के नक्कापल्ली में 27 किलोमीटर लम्बी समुद्री तट रेखा देने पर सहमति व्यक्त की है।

प्रमुख बिंदु

  • भारतीय नौसेना ने ए.ओ.बी. की स्थापना को सुविधाजनक बनाने के लिये प्रस्तावित रामबिली बंदरगाह की सीमा के रूप में 97 किमी. क्षेत्र के लिये अधिसूचना की मांग की थी।
  • ए.ओ.बी. को नौसेना के लिये बनाए जाने वाले परमाणु शक्ति सम्पन्न बैलिस्टिक मिसाइल पोतों और पनडुब्बियों के बेड़े को सहयोग देने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
  • राज्य सरकार द्वारा रामायणपट्टनम, मछलीपट्टनम और भवनापाडु में तीन बंदरगाहों के साथ ए.ओ.बी. को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

पनडुब्बी पेन (Submarine Pens)

  • इसके अलावा ए.ओ.बी. में नौसेना द्वारा पनडुब्बी पेन स्थापित करने की योजना बनाई गई है। उल्लेखनीय है कि पनडुब्बी पेन एक प्रकार का बंकर है, जो पनडुब्बियों को जासूसी उपग्रहों और हवाई हमलों से बचाने में मदद करता है।
  • पनडुब्बी पेन (जर्मन में यू-बूट-बंकर) सबमरीन बेस का ही एक प्रकार है। यह शब्द आमतौर पर द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी और उसके कब्ज़े वाले देशों में निर्मित पनडुब्बी के ठिकानों के लिये प्रयुक्त किया गया था।

ब्रिक्स मीडिया फोरम

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, ब्रिक्स मीडिया फोरम की पाँचवी बैठक (आभासी) सम्पन्न हुई।

प्रमुख बिंदु

  • ब्रिक्स मीडिया फोरम पाँच उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं; ब्राज़ील, भारत, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिष्ठित मीडिया संगठनों के मध्य एक उच्चस्तरीय डायलॉग है।
  • हालिया बैठक में पाँच सदस्य देशों के मीडिया संगठनों के प्रतिनिधियों ने सयुंक्त रूप से महामारी के समय में दुष्प्रचार या भ्रामक जानकारी रूपी वायरस (Virus Of Disinformation) से निपटने पर अधिक बल दिया।

ब्रिक्स मीडिया फोरम की तीसरी बैठक

  • ब्रिक्स मीडिया फोरम की तीसरी बैठक महत्त्वपूर्ण है, जो दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में हुई थी। यह बैठक 18 जुलाई 2018 को दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की 100वीं जयंती पर आयोजित की गई थी।
  • इस बैठक में सर्वसम्मति से केपटाउन घोषणा 2018 को अपनाने पर सहमति व्यक्त की गई थी, जिसमें ब्रिक्स राष्ट्रों के मध्य साझा की जाने वाली ख़बरों की अखंडता को बनाए रखने के लिये एक बेहतर मीडिया परिदृश्य के निर्माण का संकल्प लिया गया।
  • इस बैठक में ब्रिक्स मीडिया अकादमी और ब्रिक्स समाचार पोर्टल की स्थापना का निर्णय भी लिया गया।

भारत में ‘तकनीकी मंदी’

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, जारी किये गए सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितम्बर) में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.5% की गिरावट दर्ज की गई। इस संकुचन के साथ भारत में पहली बार आधिकारिक तौर पर तकनीकी मंदी (Technical Recession) दर्ज की गई है।

मुख्य बिंदु

  • अप्रैल से जून तिमाही (पहली तिमाही, वित्त वर्ष 2020-21) में भारत की अर्थव्यवस्था में 23.9% की गिरावट दर्ज की गई थी, जो विगत 40 वर्षों में अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा संकुचन था। कोविड -19 महामारी के कारण उपभोक्ता माँग और निजी निवेश पर पड़े नकारात्मक प्रभाव के कारण यह संकुचन देखा गया था।
  • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अनुसार, सकल मूल्य वर्धित (GVA) वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही के दौरान शून्य से भी 7% नीचे आ गया था।
  • यदि क्षेत्रवार देखा जाए तो रियल एस्टेट, वित्तीय और पेशेवर सेवा क्षेत्र में 8.1% और निर्माण क्षेत्र में 8.6% की गिरावट देखी गई।
  • यद्यपि कुछ क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में पुनः विकास भी देखा गया, क्योंकि बिजली, पानी की आपूर्ति, गैस और अन्य उपयोगी सेवाओं में 4.4% की वृद्धि दर्ज की गई। कृषि, मत्स्य उद्योग तथा वानिकी सहित अन्य क्षेत्रों में भी 3.4% की वृद्धि दर्ज की गई और विनिर्माण क्षेत्र में 0.6% की मामूली वृद्धि देखी गई।
  • ध्यातव्य है कि जब किसी वित्त वर्ष में लगातार दो तिमाहियों में जी.डी.पी. वृद्धि दर ऋणात्मक रहती है या इसमें गिरावट आती है तो इसे तकनीकी मंदी कहते हैं।

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में, पीलीभीत टाइगर रिज़र्व (उत्तर प्रदेश) को विगत चार वर्षों में बाघों की संख्या को दोगुना करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार ‘TX2’ के लिये नामित किया गया।
  • TX2 अवॉर्ड ऐसे वन क्षेत्र या अभयारण्य या रिज़र्व को दिया जाता है, जहाँ वर्ष 2010 के बाद से बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई हो।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व

  • उत्तर प्रदेश में स्थित यह टाइगर रिज़र्व, तराई पारिस्थितिक तंत्र के विविध और उत्पादक क्षेत्र का बेहतरीन उदाहरण है।
  • यह टाइगर रिज़र्व उत्तर में भारत-नेपाल सीमा तथा दक्षिण में शारदा व खकरा नदियों से घिरा हुआ है।
  • यहाँ 127 से अधिक जानवर, 326 पक्षियों की प्रजातियाँ और 2,100 किस्म के फूलों वाले पौधे पाए जाते हैं।
  • जंगली जानवरों में बाघ, दलदलीय हिरण (swamp deer), बंगाल फ्लोरिकन, हॉग हिरण (Hog Deer), तेंदुआ आदि प्रमुख हैं।

TX2 लक्ष्य

  • TX2 लक्ष्य मुख्यतः वर्ष 2022 तक विश्व में जंगली बाघों को दोगुना करने की वैश्विक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
  • यह लक्ष्य, वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड फ़ॉर नेचर (WWF) द्वारा ग्लोबल टाइगर इनिशिएटिव, ग्लोबल टाइगर फोरम और अन्य महत्त्वपूर्ण प्लेटफार्मों के माध्यम से निर्धारित किया गया है।
  • आई.यू.सी.एन. की रेड लिस्ट में बाघ (पैंथेरा टाइग्रिस) लुप्तप्राय या संकटापन्न (Endangered) की श्रेणी में रखे गए हैं जबकि साइट्स (CITES) में ये परिशिष्ट-I के तहत सूचीबद्ध हैं।
  • इन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की 'अनुसूची-I' के तहत भी सूचीबद्ध किया गया है।

विश्व एड्स दिवस – 2020

चर्चा में क्यों?

प्रत्येक वर्ष 1 दिसम्बर को सम्पूर्ण विश्व में विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है।

प्रमुख बिंदु

  • वर्ष 2020 के लिये इस दिवस की थीम: "वैश्विक एकजुटता एवं लचीली एच.आई.वी.सेवाएँ" है।
  • इस दिवस की शुरुआत वर्ष 1988 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा की गई थी और यह ऐसा पहला वैश्विक स्वास्थ्य दिवस था जिसके द्वारा एड्स जैसी प्राणघातक बीमारी के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने प्रयास किया गया था।
  • एड्स, ह्यूमन इम्यूनो वायरस (एच.आई.वी.) के संक्रमण के कारण होने वाली एक महामारी है, जो मानव प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुँचाती है।
  • वर्ष 2019 में, लगभग 6,90,000 लोगों की मृत्यु एच.आई.वी.के कारण हुई।
  • विश्व एड्स दिवस, 2020 के अवसर पर, डब्ल्यू.एच.ओ. ने वैश्विक स्तर पर शीर्ष नेताओं और नागरिकों से एच.आई.वी. पर कोविड-19 के प्रभाव और इसके कारण उत्पन्न चुनौतियों को दूर करने के लिये ‘वैश्विक एकजुटता’ का आह्वान किया है।
  • ध्यातव्य है कि कोविड-19 के कारण एच.आई.वी. की रोकथाम, परीक्षण, उपचार और देखभाल आदि सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं और इसका सबसे अधिक प्रभाव आर्थिक रूप से कमज़ोर देशों पर पड़ रहा है।

भारत-वियतनाम वार्ता

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, भारत और वियतनाम के रक्षा मंत्रियों की एक बैठक में रक्षा उद्योग में क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

मुख्य बिंदु

  • मज़बूत भारत-वियतनाम रक्षा सहयोग पर दोनों देशों ने पुनः हामी भरी, जो व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership, 2016) का एक प्रमुख स्तम्भ है।
  • भारत ने निकट भविष्य में रक्षा उद्योग सहयोग से जुड़े एक संस्थागत बुनियादी ढाँचे के विकास पर बल दिया।
  • वियतनाम ने मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में वियतनामी रक्षा बलों की क्षमता निर्माण में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा दी गई सहायता के लिये भारत को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।
  • दोनों देशों ने हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा की। हाइड्रोग्राफी के द्वारा दोनों देश हाइड्रोग्राफिक डेटा को साझा करने में सक्षम होंगे और इससे नौसैनिक चार्ट के निर्माण में भी सहयता प्राप्त होगी।
  • ध्यातव्य है कि वियतनाम ने दिसम्बर 2020 में वियतनाम द्वारा आयोजित होने वाली आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के लिये भारत को आमंत्रित किया है।
  • ए.डी.एम.एम. प्लस (ASEAN Defence Ministers’ Meeting-Plus ), आसियान और इसके आठ संवाद साझेदार देशों - ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूज़ीलैंड, कोरिया गणराज्य, रूस एवं संयुक्त राज्य अमेरिका का एक संयुक्त मंच है। क्षेत्र में शांति, स्थिरता एवं विकास के लिये सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मज़बूत करना इस मंच का प्रमुख उद्देश्य है।

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