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49 नई आकाशगंगाओं की खोज

प्रारम्भिक परीक्षा – 49 नई आकाशगंगाओं की खोज
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 1 (भूगोल)
              

संदर्भ

हाल ही में खगोलविदों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में मीरकैट रेडियो टेलीस्कोप के द्वारा 3 घंटे से भी कम समय में 49 नई आकाशगंगाओं की खोज की।

galaxies

प्रमुख बिंदु :-

  • इस खोज को रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी के मासिक पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।
  • यह शोध/ खोज पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के इंटरनेशनल सेंटर फॉर रेडियो एस्ट्रोनॉमी रिसर्च (ICRAR) सेंटर के द्वारा किया गया है। 
  • इस शोध/ खोज का उद्देश्य एकल रेडियो आकाशगंगा में तारा निर्माण करने वाली गैसों का अध्ययन करना है। 
  • नई आकाशगंगाओं को अनौपचारिक रूप से “49ers उपनाम” दिया गया है।
  • यह उपनाम वर्ष 1849 कैलिफ़ोर्निया गोल्ड रश माइनर्स के संदर्भ से लिया गया है। 
  • इनमें से कई आकाशगंगाएँ एक-दूसरे के निकट समूह में स्थित हैं। 
  • इनमें से तीन आकाशगंगाएँ तारों का निर्माण करने में अत्यधिक सक्रीय हैं। 

मीरकैट रेडियो टेलीस्कोप:-

Meerkat-Radio-Telescope

  • यह दक्षिण अफ्रीका के उत्तरी केप प्रांत में स्थित रेडियो टेलीस्कोप की एक जुड़ी हुई श्रृंखला है। 
  • यह बहुत बड़े स्क्वायर किलोमीटर एरे (SKA) के "पाथफाइंडर" टेलीस्कोप में से एक है।
  • इस टेलीस्कोप में 64 एंटीना डिशों की एक श्रृंखला जुड़ी हुई है। 
  • यह टेलीस्कोप एक रेडियो स्रोत से विद्युत चुम्बकीय तरंगें प्राप्त करने वाले एंटीना में रिसेप्टर्स के आधार पर कार्य करता है।
  • इस टेलीस्कोप को ब्रह्मांड का अध्ययन करने के लिए बनाया गया है।
  • यह दक्षिणी गोलार्ध का सबसे बड़ा टेलीस्कोप है।

आकाशगंगा:-

Spiral-galaxies

  • यह असंख्य तारों के विशाल पुंज/समूह, बादलों तथा गैसों की एक प्रणाली है। 
  • असंख्य आकाशगंगाएँ मिलकर ब्रह्मांड का निर्माण करती हैं।
  • प्रत्येक आकाशगंगा में लगभग 100 अरब से अधिक तारे होते हैं। 
  • आकाशगंगा में एक केन्द्रीय बल्ज (Bulge) एवं तीन घूर्णनशील भुजाएँ होती हैं। 
  • ये तीनों घूर्णनशील भुजाएँ अनेक तारों से निर्मित होती है।
    • बल्ज: आकाशगंगा के केन्द्र को कहा जाता है। यहाँ तारों का संकेन्द्रण सर्वाधिक होता है। 
  • एंड्रोमेडा हमारी आकाशगंगा के सबसे निकट की आकाशगंगा है, जो हमारी आकाशगंगा से 2.2 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। 
  • हमारी आकाशगंगा को “मंदाकिनी” कहा जाता है। 
  • इसकी आकृति 'सर्पिल' (Spiral) है। 
    • मिल्की वे रात के समय दिखाई पड़ने वाले तारों का समूह को कहा जाता है। 
    • यह हमारी आकाशगंगा का ही भाग है। 
  • हमारी आकाशगंगा का व्यास 1 लाख प्रकाश वर्ष है।
  • सूर्य हमारी आकाशगंगा का एक तारा है। 
  • यह आकाशगंगा की परिक्रमा लगभग 200 मिलियन (बीस करोड़) वर्षों से भी अधिक समय से कर रहा है। 

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न : 49ers के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. यह ब्रह्मांड में स्थित 49 आकाशगंगाओं का एक समूह है। 
  2. इसकी खोज पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के इंटरनेशनल सेंटर फॉर रेडियो एस्ट्रोनॉमी रिसर्च (ICRAR) सेंटर के द्वारा की गई है। 
  3. इनमें से तीन आकाशगंगाएँ तारों का निर्माण करने में अत्यधिक सक्रीय हैं। 

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

(a) केवल एक 

(b) केवल दो

(c) सभी तीन 

(d) कोई भी नहीं  

उत्तर (c)

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