New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM

मोई नदी

हाल ही में, गुजरात के युवाओं को कथित तौर पर डेटा एंट्री की आकर्षक नौकरियों का लालच देकर म्यांमार में मोई नदी के पार स्थित साइबर-धोखाधड़ी केंद्रों में ले जाए जाने की खबरों के कारण मोई नदी सुर्खियों में है। 

मोई नदी: भौगोलिक और क्षेत्रीय महत्व

  • मोई नदी (Moei River) को म्यांमार में टोंगे यिन के नाम से जाना जाता है जो उत्तरी थाईलैंड की एक महत्वपूर्ण नदी है तथा इस क्षेत्र के भूगोल और व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • मोई नदी एशिया की प्रमुख नदियों में से एक सालवीन नदी (Salween River) की एक सहायक नदी है। यह टेनासेरिम पहाड़ियों (Tenasserim Hills) से निकलती है जो म्यांमार-थाईलैंड सीमा क्षेत्र में स्थित हैं।
  • थाईलैंड की अधिकांश नदियों के विपरीत मोई नदी उत्तर-पश्चिम दिशा में प्रवाहित होती है। यह थाईलैंड के दक्षिण से उत्तर की ओर बहती हुई म्यांमार में सालवीन नदी में विलीन हो जाती है।
  • यह नदी थाईलैंड और म्यांमार के बीच एक प्राकृतिक सीमा का कार्य करती है। इसके किनारे बसे प्रमुख शहर (सीमावर्ती व्यापार केंद्र) हैं-
    • माई सोट (Mae Sot): यह थाईलैंड की ओर स्थित प्रमुख शहर है, जो सीमा व्यापार का एक केंद्र है।
    • म्यावाड्डी (Myawaddy): यह म्यांमार की ओर स्थित सीमावर्ती शहर है, जो माई सोट के ठीक सामने है।
  • ऐतिहासिक रूप से, मोई नदी थाई एवं बर्मी समुदायों के बीच संचार और माल परिवहन के लिए एक प्रमुख जलमार्ग रही है जिसने सदियों से इस सीमावर्ती क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR