New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

7वां हिंद महासागर सम्मेलन

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी, 7वां हिंद महासागर सम्मेलन, हिंद महासागर सम्मेलन, हिंद महासागर क्षेत्र, SAGAR
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-2, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह

संदर्भ-

हिंद महासागर सम्मेलन के 7वें संस्करण का आयोजन 9-10 फरवरी, 2024 के दौरान पर्थ, ऑस्ट्रेलिया किया गया।

SAGAR

मुख्य बिंदु-

  • यह सम्मेलन ऑस्ट्रेलिया सरकार के विदेश मामलों और व्यापार विभाग, सिंगापुर के एस. राजारत्नम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज और ऑस्ट्रेलिया के पर्थ-यूएस एशिया सेंटर के सहयोग से आयोजित किया गया।
  • इसका थीम "एक स्थिर और टिकाऊ हिंद महासागर की ओर (Towards a Stable and Sustainable Indian Ocean)" है।
  • इस वर्ष इस सम्मेलन में 40 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
  • इसमें भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया।

सम्मेलन की मुख्य बातें-

  • अमेरिका-चीन के बीच तनाव का प्रभाव हिंद महासागर में भी दिख रहा है। 
  • यहाँ दोनों देशों के युद्धपोतों के बढ़ते दबदबे को देखा जा सकता है।
  • भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और चीन सहित कई देश हिंद महासागर में अपनी नौसैनिक उपस्थिति को बढ़ा रहे हैं।
  • हिंद महासागर के सैन्यीकरण और महान शक्तियों के प्रतिद्वंद्विता के कारण इस क्षेत्र के छोटे द्वीपीय देशों की चिंताएं बढ़ा रही हैं।
  • अस्थिरता तब बढ़ती है जब लंबे समय से चले आ रहे समझौतों का पालन नहीं किया जाता।
  • शक्ति प्रतिद्वंद्विता के बीच संतुलन बनाना एक जटिल कार्य बनता जा रहा है।
  • इस क्षेत्र में संघर्ष को कम करने के उपाय खोजना आवश्यक है।

हिंद महासागर सम्मेलन-

  • यह ‘क्षेत्र में सभी के लिये सुरक्षा और विकास’ (SAGAR)) हेतु क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करने के लिये हिंद महासागर के देशों का एक प्रमुख परामर्शी मंच है।
  • इसका पहला संस्करण वर्ष, 2016 में सिंगापुर में आयोजित किया गया था, जिसमें 30 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
  • इसका 6वां संस्करण वर्ष 2023 में ढ़ाका, बांग्लादेश में आयोजित किया गया था।
  • इसे भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।

हिंद महासागर क्षेत्र(IOR)-

  • इसमें ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण पूर्व एशिया, दक्षिण एशिया, हॉर्न ऑफ अफ्रीका और दक्षिणी और पूर्वी अफ्रीका जैसे उप-क्षेत्र शामिल हैं।
  • IOR का सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक महत्व है।        

IOR का महत्व-

  • दुनिया का 70% से अधिक कंटेनर व्यापार और 80% ऊर्जा व्यापार इस क्षेत्र से होता है। 
  • IOR के तटीय देशों में प्राप्त प्रचुर मात्रा में कच्चा माल (मुख्य रूप से तेल) विकसित और विकासशील देशों के प्रमुख विनिर्माण उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • IOR के पास विशाल समुद्री संसाधन हैं, जिनमें तेल, प्राकृतिक गैस भंडार, खनिज और प्रचुर मात्रा में मछलियाँ शामिल हैं।
  • IOR में प्रमुख समुद्री चोकप्वाइंट (जैसे; मलक्का जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य) और संचार के समुद्री लेन की उपस्थिति इसके रणनीतिक महत्व को बढ़ाती हैं।
  • IOR तट पर दुनिया की एक तिहाई से अधिक आबादी निवास करती है।

ior

भारत के लिए IOR का महत्व-

  • IOR में भारत की केंद्रीय स्थिति लाभदायक होने के साथ-साथ चुनौतियों से भरा है।
  • कुल तेल आयात, अपतटीय तेल उत्पादन और पेट्रोलियम निर्यात के कारण तेल के लिए भारत की समुद्र पर निर्भरता लगभग 93% है।
  • भारत का लगभग 95% व्यापार हिंद महासागर के माध्यम से होता है।
  • भारत हिंद महासागर के संसाधनों पर बहुत अधिक निर्भर है।
  • यह मछली पकड़ने, जलीय कृषि उद्योग निर्यात और लाखों लोगों के लिए रोजगार उत्पन्न करता है।
  • भारत की लंबी तटरेखा इसे समुद्र से उभरने वाले संभावित खतरों के प्रति संवेदनशील बनाती है।
  • समुद्री डकैती, तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और मानव तस्करी जैसे गैर-पारंपरिक खतरे चुनौतियां पेश करते हैं तथा एक सुरक्षित हिंद महासागर की आवश्यकता पर बल देते हैं।

क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास- 

(Security And Growth for All in the Region (SAGAR) 

  • यह भारतीय विदेश नीति का एक सिद्धांत है, जिसे वर्ष 2015 में प्रस्तुत किया गया था। 
  • SAGAR का उद्देश्य भारत और उसके पड़ोसी देशों, विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग तथा आपसी विश्वास को बढ़ाना है। 
  • SAGAR नीति के अनेक घटक हैं-
    • समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना
    • सतत विकास और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना 
    • राष्ट्रों के बीच सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना 

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- हिंद महासागर सम्मेलन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. इसके पहले संस्करण का आयोजन वर्ष, 2016 में सिंगापुर में किया गया था।
  2. वर्ष, 2024 में इसके तीसरे संस्करण का आयोजन नई दिल्ली में किया गया।
  3. वर्ष, 2024 में आयोजित इस सम्मलेन का थीम ‘एक स्थिर और टिकाऊ हिंद महासागर की ओर’ है।

उपर्युक्त में से कितना/कितने कथन सही है/हैं।

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीनों 

(d) कोई नहीं

उत्तर- (a)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- हिंद महासागर सम्मेलन का भारत के लिए क्या महत्व है? स्पष्ट कीजिए।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR