चर्चा में क्यों ?
अफ्रीका फाइनेंस कॉर्पोरेशन (AFC) की नई रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और व्यापार विभाजन के बढ़ते प्रभाव के चलते अफ्रीका के विशाल खनिज भंडार रणनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

प्रमुख बिन्दु:
- रिपोर्ट “Compendium of Africa’s Strategic Minerals, 2026” में कहा गया है कि वैश्विक व्यापार नियमों में बदलाव, निर्यात प्रतिबंध और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा की बढ़ती गति ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को नया रूप दिया है।
- इस परिदृश्य में अफ्रीका के पास अपनी स्थिति मजबूत करने का सुनहरा अवसर है, बशर्ते वह संवेदनशील वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में सावधानीपूर्वक और रणनीतिक रूप से भाग ले।
प्रमुख निष्कर्ष
- रणनीतिक खनिजों का महत्व बढ़ा
- दुर्लभ पृथ्वी धातुएँ, बैटरी सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण इनपुट की आपूर्ति श्रृंखलाओं में तनाव के चलते अफ्रीका के खनिजों का महत्व वैश्विक स्तर पर बढ़ा है।
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का केंद्रीकरण
- चीन ने मैंगनीज शोधन और दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के प्रसंस्करण में लगभग 90% हिस्सेदारी हासिल की है। इसी तरह एयरोस्पेस और रक्षा उद्योगों में क्रोमियम, टंगस्टन और ग्रेफाइट का केंद्रीकरण देखा गया है।
- अफ्रीका की गुटनिरपेक्ष और विविध खनिज संपदा
- अफ्रीका की विविध खनिज संपदा और गुटनिरपेक्ष स्थिति इसे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में रणनीतिक लाभ प्रदान करती है।
- रूपांतरण और मूल्य श्रृंखला का अवसर
- अफ्रीका वर्तमान में कच्चे खनिजों का निर्यात करता है और उच्च मूल्य वाले उत्पादों का आयात करता है।
- अगर महाद्वीप अपने संसाधनों को प्रसंस्कृत उत्पादों में बदल सके, तो इससे मूल्य श्रृंखला में बड़ा लाभ मिलेगा।
- उदाहरण के लिए, 2.8 ट्रिलियन डॉलर के लौह अयस्क को स्टील में बदलने पर यह 25.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है।
- क्षेत्रीय एकीकरण और बुनियादी ढांचा
- अकेले परियोजनाएँ पर्याप्त नहीं हैं। अफ्रीका को अपने खनिज संसाधनों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना होगा।
वैश्विक रणनीति और अफ्रीका
- अफ्रीकी देशों के पास अब वैश्विक बाजारों में चयनात्मक एकीकरण का अवसर है।
- दक्षिण अफ्रीका की एकमात्र मैंगनीज रिफाइनरी जैसी महत्वपूर्ण इकाइयाँ चीन के बाहर विश्वसनीय विकल्प प्रदान करती हैं।
- मोज़ाम्बिक, अंगोला, बोत्सवाना और मलावी में उच्च गुणवत्ता वाले संसाधन और बैटरी-ग्रेड सामग्री के प्रसंस्करण प्रोजेक्ट्स तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
बुनियादी ढांचा और सोना रणनीतिक साधन
- अफ्रीका की खनिज नीति में विश्वसनीय बिजली, परिवहन नेटवर्क और औद्योगिक भूमि प्रमुख हैं।
- सोने का उपयोग विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत करने और अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए किया जा सकता है।
- घाना ने 2025 तक 10 अरब डॉलर से अधिक का स्वर्ण भंडार पुनर्निर्मित किया और अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाई।
निष्कर्ष
- अफ्रीका के खनिज संसाधन न केवल महाद्वीप की आर्थिक शक्ति बढ़ा सकते हैं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक और औद्योगिक परिदृश्य में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
- रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि चयनात्मक निवेश, क्षेत्रीय एकीकरण और बुनियादी ढांचे के समन्वय से अफ्रीका अपने खनिजों का अधिकतम लाभ उठा सकता है।
- समय की मांग: अफ्रीका को अब अपनी खनिज रणनीति को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में स्थायी और प्रभावशाली रूप से शामिल करना होगा।