New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

आंध्र प्रदेश ने स्मार्ट मच्छर निगरानी प्रणाली शुरू की

चर्चा में क्यों?

आंध्र प्रदेश सरकार ने स्मार्ट मच्छर निगरानी प्रणाली (SMoSS) नामक एक अग्रणी AI-आधारित मच्छर नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया है।

स्मार्ट मच्छर निगरानी प्रणाली (SMoSS)

  • उद्देश्य: मानसून में मच्छरों की आबादी पर प्रभावी निगरानी और नियंत्रण।
  • पायलट स्थान: विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, कुरनूल समेत 6 शहरों के 66 स्थान।
  • प्रौद्योगिकी:
    • AI संचालित मच्छर सेंसर,
    • IoT आधारित निगरानी यंत्र,
    • ड्रोन से फॉगिंग और लार्वानाशक छिड़काव,
    • वास्तविक समय डेटा डैशबोर्ड।

कार्यप्रणाली और तकनीकी दक्षता

  • सेंसर की भूमिका: मच्छरों की प्रजाति, लिंग और संख्या घनत्व का पता लगाना।
  • मौसमीय डेटा संग्रहण: तापमान व आर्द्रता जैसे मापदंडों की निगरानी जो मच्छरों के प्रजनन को प्रभावित करते हैं।
  • AI अलर्ट सिस्टम: जब मच्छर जनसंख्या सीमा पार करती है, तो स्वचालित अलर्ट जारी होते हैं जिससे लक्ष्यित फॉगिंग या कीटनाशक छिड़काव होता है।
  • ड्रोन का उपयोग:
    • दूरस्थ व कठिन क्षेत्रों तक पहुँच।
    • कम रसायनों में अधिक क्षेत्र को कवर।
    • समयबद्धता और पर्यावरण संरक्षण।

डेटा प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही

  • डैशबोर्ड आधारित निगरानी: SMoSS एक केंद्रीकृत सर्वर से लाइव डेटा स्ट्रीम करता है जो रीयल-टाइम विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई को सक्षम बनाता है।
  • परिणाम आधारित आउटसोर्सिंग: योजना को निजी एजेंसियों को दिया जाएगा लेकिन उनके भुगतान परिणामों से जुड़ा होगा, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
  • जनभागीदारी:
    • नागरिक शिकायतें व फील्ड स्टाफ फीडबैक वेक्टर कंट्रोल ऐप और पुरामित्र ऐप से प्रबंधित किए जाते हैं।
    • पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता में वृद्धि होती है।

स्वास्थ्य डेटा एकीकरण और हॉटस्पॉट पहचान

  • आंध्र प्रदेश के अस्पताल डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के दैनिक मामलों की रिपोर्ट तैयार करेंगे।
  • ये आंकड़े मच्छरों के हॉटस्पॉट की पहचान कर स्थानविशेष उपचार को सक्षम बनाएंगे।
  • यह उपाय बीमारी से लड़ने के बजाय रोकथाम पर बल देता है।

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया – संक्षिप्त तुलना तालिका

बिंदु

डेंगू

मलेरिया

चिकनगुनिया

कारक

वायरस (Flavivirus)

परजीवी (Plasmodium)

वायरस (Alphavirus)

मच्छर

Aedes aegypti (दिन में काटता)

Anopheles (रात में काटता)

Aedes (दिन में काटता)

लक्षण

बुखार, दर्द, चकत्ते, रक्तस्राव

बुखार, कंपकंपी, खून की कमी

बुखार, जोड़ों में तीव्र दर्द

उपचार

लक्षण अनुसार

एंटीमलेरियल दवाएं

लक्षण अनुसार

टीका

सीमित (Dengvaxia)

RTS,S (Mosquirix – परीक्षणाधीन)

नहीं उपलब्ध

रोकथाम

मच्छर नियंत्रण, जलजमाव न हो

वही

वही

घातकता

गंभीर रूप (डेंगू हेमोरेजिक)

P. falciparum घातक हो सकता है

आमत: कम, पर दर्द लंबे समय तक

प्रश्न. स्मार्ट मच्छर निगरानी प्रणाली (SMoSS) योजना किस राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई है?

(a) तमिलनाडु

(b) महाराष्ट्र

(c) आंध्र प्रदेश

(d) कर्नाटक

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X