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अंटार्कटिक संधि (Antarctic Treaty)

चर्चा में क्यों?

  • भारत में हाल ही में 46वीं अंटार्कटिक संधि सलाहकार बैठक (ATCM) और 26वीं पर्यावरण संरक्षण समिति (CEP) की बैठक संपन्न हुई।
  • इन बैठकों की मेज़बानी पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत कार्यरत राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं समुद्री अनुसंधान केंद्र (NCPOR) ने की।
  • NCPOR एक स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास संस्था है जिसकी स्थापना 1998 में हुई थी।

अंटार्कटिक संधि के बारे में

बिंदु

विवरण

संधि पर हस्ताक्षर

1959, वाशिंगटन डी.सी.

प्रभाव में आई

1961 से

प्रारंभिक हस्ताक्षरी देश

12 देश

वर्तमान सदस्य

57 देश

सलाहकार पक्ष (Consultative Parties)

29 देश (निर्णय लेने की शक्ति रखते हैं)

भारत की सदस्यता

1983 में सलाहकार पक्ष बना

लागू क्षेत्र

60° दक्षिण अक्षांश के नीचे का क्षेत्र (सम्पूर्ण अंटार्कटिक महाद्वीप)

अंटार्कटिक संधि के प्रमुख प्रावधान

  • अंटार्कटिका केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाएगा।
  • इसमें सैन्य गतिविधियों, जैसे सैन्य ठिकानों की स्थापना, हथियारों का परीक्षण या सैन्य अभ्यास निषिद्ध हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाता है।
  • वैज्ञानिक अनुसंधान की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाती है।
  • न्यूक्लियर विस्फोट और रेडियोधर्मी अपशिष्ट का निपटान पूर्णतः प्रतिबंधित है।

अंटार्कटिक की सुरक्षा के अन्य प्रयास

संधि / प्रोटोकॉल

वर्ष

उद्देश्य

अंटार्कटिक सील संरक्षण सम्मेलन

1972

सील प्रजातियों की सुरक्षा

CCAMLR (अंटार्कटिक समुद्री जीवों का संरक्षण)

1982

समुद्री जीवन का सतत संरक्षण और प्रबंधन (भारत ने इसे अनुमोदित किया है)

मैड्रिड प्रोटोकॉल (1991)

1991

अंटार्कटिक को प्राकृतिक आरक्षित क्षेत्र घोषित करता है और खनिज संसाधनों की खोज या दोहन पर रोक लगाता है। भारत भी इसका हस्ताक्षरी देश है।

अंटार्कटिक संधि का महत्व

  • अंटार्कटिका को शांति और विज्ञान के क्षेत्र के रूप में बनाए रखने में यह संधि सहायक है।
  • यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक सार्वजनिक संसाधनों के शासन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • यह जलवायु निगरानी, पर्यावरणीय संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

भारत की अंटार्कटिक पहलें

स्टेशन

स्थापना वर्ष

विशेषता

दक्षिण गंगोत्री

1983

भारत का पहला अनुसंधान केंद्र, वर्तमान में आपूर्ति बेस के रूप में

मैत्री स्टेशन

1989

सक्रिय अनुसंधान केंद्र, भारत का प्रमुख ध्रुवीय केंद्र

भारती स्टेशन

2012

नवीनतम अनुसंधान केंद्र, पर्यावरणीय और वैज्ञानिक अध्ययन में सहायक

मैत्री-II (घोषणा)

2023

ATCM-46 में भारत ने नए अनुसंधान स्टेशन 'मैत्री-II' की घोषणा की

अंटार्कटिक अधिनियम (Antarctic Act), 2022

  • यह अधिनियम भारतीय अभियानों और अनुसंधानों को विधिक आधार प्रदान करता है।
  • यह सुनिश्चित करता है कि भारत अंटार्कटिक संधि के प्रावधानों का पालन करे।
  • यह अधिनियम पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और अनुशासित अन्वेषण को बढ़ावा देता है।
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