New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 22nd August, 3:00 PM August End Offer UPTO 75% Off, Valid Till : 29th Aug 2025 GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 24th August, 5:30 PM August End Offer UPTO 75% Off, Valid Till : 29th Aug 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 22nd August, 3:00 PM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 24th August, 5:30 PM

एशियाई जंगली कुत्ते

  • मुदुमलाई टाइगर रिजर्व (MTR) में एशियाई जंगली कुत्तों के झुंड को पपड़ी युक्त (Exfoliating) त्वचा संक्रमण का सामना करना पड़ रहा है। यह खुजली (Mange) की बीमारी है। 
    • यह बीमारी परजीवी घुन या टिक (Mites) के कारण होती है।   
    • एशियाई जंगली कुत्तों के झुंड को ‘ढोले’ (Dholes) भी कहते हैं।  
  • यह एक चिंताजनक कवक एवं जीवाणु संक्रमण है जिसका प्रसार बाघ एवं तेंदुओं सहित अन्य प्रजातियों में हो सकता है। 
  • साथ ही, इंसानों में भी संक्रमण फैलने की आशंका है क्योंकि यह ज़ूनोटिक प्रकृति का रोग है।

ढोले के बारे में

  • ढोले या भारतीय/एशियाई जंगली कुत्ता कुओन प्रजाति का एकमात्र मौजूदा सदस्य है।
  • यह एक अत्यधिक सामाजिक जानवर है, जो झुंड में रहते हैं और शिकार करते हैं। 
  • ये आँख की बजाए सूंघने की (घ्राण) शक्ति से शिकार का पीछा करते हैं।

WILD-DOG

  • वैज्ञानिक नाम : कुओन अल्पाइनस
  • अन्य नाम : एशियाई जंगली कुत्ता, ढोल, भारतीय जंगली कुत्ता, लाल कुत्ता, जंगली कुत्ता।
  • संरक्षण :
    • IUCN स्थिति- लुप्तप्राय 
    • CITES- परिशिष्ट II
    • भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (WPA) 1972- अनुसूची II में 
  • आवास एवं वितरण
    • भारत में वितरण: संपूर्ण भारत में हिमालय की ऊँचाई से लेकर मैदानी इलाकों तक।
    • वैश्विक वितरण: भारत, मध्य एवं पूर्वी एशिया, चीन व मलेशिया। 
  • खतरा
    • निवास स्थान की हानि
    • शिकार आधार की कमी
    • बीमारी

                                                                                                   मुदुमलाई टाइगर रिजर्व (MTR) के बारें में

  • मुदुमलाई नाम का अर्थ है ‘प्राचीन पहाड़ी श्रृंखला’ 
    • यह स्थान 65 मिलियन वर्ष पुराना है जब पश्चिमी घाट का निर्माण हुआ था।
  • यह वर्ष 1986 के दौरान घोषित भारत के पहले बायोस्फीयर रिजर्व ‘नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व’ का हिस्सा है।

अवस्थिति:

  • MTR तमिलनाडु राज्य के नीलगिरी जिले में तीन राज्यों, अर्थात् कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के ट्राई-जंक्शन पर अवस्थित है जो 688.59 वर्ग किमी में विस्तृत है। 
  • इसकी पश्चिम में वायनाड वन्यजीव अभयारण्य (केरल), उत्तर में बांदीपुर टाइगर रिजर्व (कर्नाटक) के साथ एक साझा सीमा है।
  • साथ ही दक्षिण तथा पूर्व में नीलगिरी डिवीजन और दक्षिण पश्चिम में गुडलूर वन डिवीजन, मिलकर बाघ व एशियाई हाथी जैसी प्रमुख प्रजातियों के लिए एक बड़ा संरक्षण परिदृश्य बनाते हैं।

महत्वपूर्ण वनस्पति एवं जीव:

  • रिज़र्व में लंबी घासें हैं, जिन्हें आमतौर पर "हाथी घास" कहा जाता है।
  • वहाँ विशाल किस्म के बांस, मूल्यवान लकड़ी की प्रजातियाँ जैसे सागौन, रोज़वुड, आदि हैं।
  • MTR में में विभिन्न प्रकार के जानवर रहते हैं जिनमें बाघ, हाथी, भारतीय गौर, पैंथर, सांभर, चित्तीदार हिरण, भौंकने वाले हिरण, माउस डीयर, लंगूर, मालाबार विशाल गिलहरी, जंगली कुत्ते, मैंगोज़, जंगली बिल्ली, लकड़बग्घा शामिल हैं।

पक्षी:

  • इस अभ्यारण्य में पक्षियों की 260 से अधिक प्रजातियों की विस्तृत विविधता पाई जाती है।
  • भारत में पाई जाने वाली आठ प्रतिशत पक्षी प्रजातियाँ मुदुमलाई में दर्ज हैं।
  • इसमें मालाबार ग्रे हॉर्नबिल, मालाबार पाइड हॉर्नबिल, मालाबार लाफिंग थ्रश, फ्रॉग माउथ और विभिन्न प्रकार के कठफोड़वा जैसे दुर्लभ पक्षी शामिल हैं। 
  • हार्नबिल बीजों के प्रकीर्णन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 
  • मालाबार व्हिस्लिंग थ्रश, मोर और जंगल फाउल मुदुमलाई टाइगर रिजर्व में पाई जाने वाली अन्य महत्वपूर्ण पक्षी प्रजातियाँ हैं।
  • इसमें मालाबार ग्रे हॉर्नबिल, मालाबार पाइड हॉर्नबिल, मालाबार लाफिंग थ्रश, फ्रॉग माउथ और विभिन्न प्रकार के कठफोड़वा जैसे दुर्लभ पक्षी शामिल हैं। 
    • हार्नबिल बीजों के प्रकीर्णन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 
  • मालाबार व्हिस्लिंग थ्रश, मोर और जंगल फाउल मुदुमलाई टाइगर रिजर्व में पाई जाने वाली अन्य महत्वपूर्ण पक्षी प्रजातियाँ हैं।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X