अटल बिहारी वाजपेयी

16 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

अटल बिहारी वाजपेयी: जीवन परिचय

प्रारंभिक जीवन

  • जन्म : 25 दिसंबर, 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में
  • निधन : 16 अगस्त, 2018 को नई दिल्ली में
  • परिवार : उनके पिता पंडित कृष्ण बिहारी वाजपेयी एक स्कूल शिक्षक एवं कवि थे, जबकि उनकी माता का नाम कृष्णा देवी था। अटल जी सात भाई-बहनों में से एक थे।
  • शिक्षा : उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (अब लक्ष्मीबाई कॉलेज) से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर कानपुर के डी.ए.वी. कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।

राजनीतिक जीवन

  • प्रारंभिक कदम : वाजपेयी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से की और बाद में भारतीय जनसंघ (जो बाद में भाजपा बनी) से जुड़े। वे वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भी शामिल हुए।
  • पहली बार सांसद : वर्ष 1957 में वे बलरामपुर (उत्तर प्रदेश) से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए।
  • भारतीय जनसंघ : वे जनसंघ के प्रमुख नेताओं में से एक थे और वर्ष 1968 से 1972 तक इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।
  • मोरारजी देसाई सरकार : वर्ष 1977-1979 में जनता पार्टी की सरकार में वे विदेश मंत्री बने और संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देकर इतिहास रचा।

प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल

  • पहला कार्यकाल (1996) : वाजपेयी पहली बार 16 मई, 1996 को प्रधानमंत्री बने किंतु केवल 13 दिनों तक सत्ता में रहे क्योंकि उनकी सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाई।
  • दूसरा कार्यकाल (1998-1999) : वर्ष 1998 में वे फिर से प्रधानमंत्री बने। इस दौरान भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण (ऑपरेशन शक्ति) किया, जिसने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत स्थिति प्रदान की।
  • तीसरा कार्यकाल (1999-2004) : राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेतृत्व में वे पूर्ण कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री बने। इस दौरान कई महत्वपूर्ण पहल हुईं, जैसे- स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, भारत-पाकिस्तान के बीच लाहौर बस यात्रा और कारगिल युद्ध में भारत की जीत।

प्रमुख योगदान

  • आर्थिक सुधार : वाजपेयी सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास, निजीकरण एवं वैश्वीकरण को बढ़ावा दिया।
  • विदेश नीति : उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत किया और परमाणु शक्ति के रूप में भारत की स्थिति को वैश्विक स्वीकृति दिलाई।
  • शिक्षा एवं तकनीक : सर्व शिक्षा अभियान और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां थीं।
  • कवि व लेखक : वाजपेयी एक उत्कृष्ट कवि और लेखक थे। ‘मृत्यु से ठन गई’ और ‘गीत नया गाता हूँ’ जैसी उनकी कविताएँ आज भी लोकप्रिय हैं।

व्यक्तिगत जीवन और व्यक्तित्व

  • वक्तृत्व कला : वाजपेयी अपने ओजस्वी भाषणों और हास्य-व्यंग्य के लिए प्रसिद्ध थे। उनके भाषण संसद व जनसभाओं में लोगों को मंत्रमुग्ध कर देते थे।
  • जीवन शैली : वे सादगी और सौम्यता के प्रतीक थे। उन्होंने विवाह नहीं किया और जीवन देश सेवा को समर्पित किया।
  • पुरस्कार : उन्हें 1992 में पद्म भूषण, 1994 में लोकमान्य तिलक पुरस्कार और 2015 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
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