New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 5th July 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 26th July 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 5th July 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 26th July 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

Axiom-4 मिशन

चर्चा में क्यों 

अमेरिका स्थित निजी अंतरिक्ष कंपनी अक्सिओम स्पेस ने Axiom-4 (Ax-4) मिशन को मई 2025 में प्रक्षेपित करने की घोषणा की है और भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इस मिशन के पायलट होंगे।

Axiom-4 मिशन के बारे में

  • परिचय : यह मिशन अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक निजी अंतरिक्ष उड़ान है। 
    • यह Axiom-1, Axiom-2 और Axiom-3 के बाद अक्सिओम स्पेस की चौथी उड़ान होगी।
  • लॉन्च वाहन : मिशन के तहत स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्षयान को पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में स्थापित करने के लिए फाल्कन-9 रॉकेट का उपयोग किया जाएगा। 
    • SpaceX क्रू ड्रैगन एक पुनः प्रयोज्य अंतरिक्ष यान है जो अंतरिक्ष यात्रियों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक ले जाता है।
  • संभावित प्रक्षेपण : मई 2025
  • मिशन की समयावधि : प्रक्षेपण से 14 दिनों तक। 
  • सहयोग और संचालन : नासा के सहयोग से अमेरिका स्थित अंतरिक्ष अवसंरचना विकास कंपनी ‘अक्सिओम स्पेस’ द्वारा। 
  • प्रक्षेपण स्थल : अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से। 
  • मिशन में शामिल चालक दल : मिशन के चालक दल में अमेरिका की कमांडर पैगी व्हिटसन, भारत के मिशन पायलट शुभांशु शुक्ला, पोलैंड के मिशन विशेषज्ञ स्लावोस्ज़ उज़्नान्स्की-विस्नेव्स्की और हंगरी के मिशन विशेषज्ञ टिबोर कापू शामिल होंगे।

Axiom-4-Mission

मिशन के उद्देश्यः

  • वाणिज्यिक अंतरिक्ष पहल: पृथ्वी की निचली कक्षा (L.E.O.) में वाणिज्यिक गतिविधियों का विस्तार करना, जिसमें अंतरिक्ष पर्यटन और वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशनों का विकास आदि शामिल है।
  • वैज्ञानिक अनुसंधान : यह मिशन सूक्ष्मगुरुत्व (Micro Gravity) में वैज्ञानिक प्रयोगों को समर्थन देते हैं, तथा पदार्थ विज्ञान, जीव विज्ञान और पृथ्वी अवलोकन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग : मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण में वैश्विक सहयोग पर केंद्रित है, जिसमें बहुराष्ट्रीय टीमों, निजी कंपनियों और अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा दिया गया है।
  • व्यवहार्यता का प्रदर्शन : व्यवसाय और अनुसंधान के लिए मंच के रूप में वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशनों की व्यवहार्यता को प्रदर्शित करना, जिससे अंतरिक्ष में स्थायी मानव उपस्थिति का मार्ग प्रशस्त हो सके।

क्या आप जानते हैं?

  • ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, इसरो के गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं तथा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनेंगे। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR