भारतीय भाषाओं के लिए स्वदेशी एआई मॉडल 'भारत जेन'

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में भारत जेन शिखर सम्मेलन में भारतीय भाषाओं के लिए भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित सरकारी वित्त पोषित एआई आधारित मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) 'भारत जेन' लॉन्च किया।

'भारत जेन' क्या है?

  • 'भारत जेन' एक मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) परियोजना है जो जनरेटिव एआई (Generative AI) पर केंद्रित है। 
  • जनरेटिव एआई एक ऐसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता है जो टेक्स्ट, भाषण, चित्र और वीडियो जैसी विभिन्न प्रकार की सामग्री तैयार कर सकती है। 
  • यह मॉडल विशेष रूप से भारतीय भाषाओं की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को समझने और उत्पन्न करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  •  यह विश्व का पहला सरकार द्वारा वित्त पोषित मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (MLLM) प्रोजेक्ट है।

'भारत जेन' की प्रमुख विशेषताएं:

  •  'भारत जेन' न केवल टेक्स्ट बल्कि स्पीच, इमेज, ऑडियो और वीडियो सहित मल्टीमॉडल कंटेंट को भी समझ और उत्पन्न कर सकता है। यह 22 भारतीय भाषाओं में निर्बाध एआई समाधान प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
  •  इसे भारतीय भाषाओं की विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए, भारत-केंद्रित डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया है। यह देश के डिजिटल संसाधनों पर नियंत्रण बढ़ाने में मदद करेगा।
  • 'भारत जेन' को एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, ताकि इसे शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और उद्योग द्वारा आसानी से उपयोग और संशोधित किया जा सके। इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एआई का लाभ पहुंचाना है।
  • यह पहल भारत में जनरेटिव एआई अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जिससे देश इस क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका निभा सके।

'भारत जेन' का विकास किसने किया?

  • 'भारत जेन' पहल का कार्यान्वयन IIT बॉम्बे के नेतृत्व में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत आने वाले अंतरविषयी साइबर-भौतिकी प्रणाली से संबंधित राष्ट्रीय मिशन (NM-ICPS) द्वारा किया जा रहा है। 
  • इसमें IIT बॉम्बे, IIIT हैदराबाद, IIT मंडी, IIT कानपुर, IIM इंदौर और IIT मद्रास जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भागीदार हैं।

'भारत जेन' का उद्देश्य:

'भारत जेन' का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाना और नागरिकों के साथ जुड़ाव को बढ़ावा देना है। इसके प्रमुख लक्ष्य हैं:

  • एआई का उपयोग करके सरकारी सेवाओं को तेज़, स्मार्ट और अधिक कुशल बनाना। यह शासन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में पहुंच और दक्षता को बेहतर बनाएगा।
  • भारतीय भाषाओं में उच्च गुणवत्ता वाला टेक्स्ट और मल्टीमॉडल कंटेंट उत्पन्न करने में सक्षम एक जनरेटिव एआई प्रणाली तैयार करना।
  • भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक समानता जैसी व्यापक जरूरतों को पूरा करना।
  • एआई प्रौद्योगिकियों के विकास को प्रोत्साहन देना और यह सुनिश्चित करना कि सभी वर्गों के नागरिकों को एआई के लाभों तक पहुंच प्राप्त हो।

'भारत जेन' भारतीय भाषाओं को कैसे लाभ पहुंचाएगा?

  •   यह विभिन्न भारतीय भाषाओं में एआई समाधान प्रदान करके भाषाई बाधाओं को कम करेगा, जिससे अधिक लोग डिजिटल सेवाओं और सूचनाओं तक पहुंच बना पाएंगे।
  •   भारतीय भाषाओं के लिए विशिष्ट रूप से डिज़ाइन किया गया यह मॉडल, इन भाषाओं के साहित्य, कला और परंपराओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने में मदद करेगा।
  •   भारतीय भाषाओं और संदर्भों पर ध्यान केंद्रित करने से एआई अनुप्रयोगों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित किया जा सकेगा, जिससे वे भारतीयों के लिए अधिक प्रासंगिक और उपयोगी बनेंगे।
  •  यह भारतीय भाषाओं में एआई अनुसंधान और विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा, जिससे इस क्षेत्र में नए नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा। 

प्रश्न. हाल ही में किस स्वदेशी एआई आधारित मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) को लॉन्च किया गया है, जो विशेष रूप से भारतीय भाषाओं के लिए विकसित किया गया है?

(a) इंडिया GPT

(b) भाषिणा AI

(c) भारत जेन

(d) संस्कृत इंटेल

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